इंदौर में बनेगा 2.5 लाख पेड़ों का सिटी फॉरेस्ट, 33 एकड़ में मियावाकी जंगल, तालाब, वॉकिंग ट्रैक और ओपन जिम की मिलेंगी सुविधाएं
इंदौर के राऊ में 33 एकड़ जमीन पर 2.5 लाख पेड़ों वाला सिटी फॉरेस्ट विकसित होगा। मियावाकी वन, तालाब, वॉकिंग ट्रैक और मनोरंजन सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।
Publish Date: Wed, 19 Aug 2026 08:01:46 PM (IST)Updated Date: Wed, 19 Aug 2026 08:01:46 PM (IST)
इंदौर में 2.5 लाख पेड़ों का सिटी फॉरेस्ट बनेगा। (एआई जनरेटेड)HighLights
- राऊ में 33 एकड़ जमीन पर सिटी फॉरेस्ट विकसित होगा।
- यहां करीब 2.5 लाख पेड़ लगाए जाएंगे, 26 प्रजातियां होंगी।
- 8.5 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से जंगल बनेगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर का लगातार बढ़ता दायरा और कंक्रीट के बढ़ते जंगल के बीच अब इंदौर में ढ़ाई लाख पेड़ों का असली जंगल आकार लेगा। शहर में हरियाली बढ़ाने की दिशा में इंदौ विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने बढ़ा कदम उठाया है।
राऊ स्थित स्कीम-97 पार्ट-4 में करीब 33 एकड़ जमीन पर नगर वन (सिटी फारेस्ट) विकसित करने के लिए एजेंसी तय करने के लिए टेंडर जारी किए है।इस महत्वकांक्षी परियोजना के तहत करीब 2.5 लाख पेड़े लगाए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र शहर के लिए बड़े प्राकृतिक हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होगा।
वर्तमन में इंदौर में करीब 17.5 प्रतिशत हरित क्षेत्र है और नगर वन के विकसित होने के बाद हरित क्षेत्र में करीब एक प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है।यहां पर ढ़ाई लाख पेडों के परिपक्व होने के बाद सालाना करीब पांच हजार से छह हजार मीट्रिक टन कार्बन डाइआक्साइड अवशोषित करने की क्षमता विकसित हो सकेगी। इससे वायु गुणवत्ता सुधारने, तापमान नियंत्रित करने और शहर में प्राकृतिक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
8.5 एकड़ में मियावाकी से घना जंगल
- आइडीए के सीईओ परिक्षित झाड़े का कहना है कि सिटी फारेस्ट में करीब 8.5 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से सघन पाैधारोपण किया जाएगा। इसके अलावा करीब 3.5 एकड़ में सामान्य घना वन क्षेत्र विकसित होगा।
- पूरे परिसर की सुरक्षा और हरियाली को संरक्षित रखने के लिए करीब 2.27 किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी।यह परियोजना दो चरणोंं में पूरी होगी। पहले चरण में 13.5 एकड़ और दूसरे चरण में करीब 17 एकड़ क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
तालाब और प्राकृतिक जल निकासी
सिटी फॉरेस्ट को केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां करीब 3,234 वर्गमीटर क्षेत्र में जलाशय विकसित किया जाएगा। प्राकृतिक जल प्रवाह को बनाए रखने के साथ 4.5 मीटर चौड़े बायोस्वेल और प्राकृतिक नालों की व्यवस्था की जाएगी। इससे बारिश के पानी का बेहतर प्रबंधन होगा और भूजल रिचार्ज में भी मदद मिल सकती है।
हर उम्र के लोगों के लिए मनोरंजन
- सिटी फारेस्ट में पर्यावरण के साथ नागरिक सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है। यहां नवग्रह वाटिका, ओपन जिम, बच्चों के लिए ऊंचा प्ले एरिया, योग एवं ध्यान क्षेत्र, फूड स्टाल और वाचटावर जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। लोगों के लिए अलग-अलग प्रकार के ट्रैक भी बनाए जाएंगे।
- इनमें छह मीटर और 3.5 मीटर चौड़े वाकिंग ट्रैक, तीन मीटर चौड़े प्राकृतिक वाकिंग ट्रेल और साइकिल ट्रैक शामिल होंगे। इससे सुबह-शाम घूमने, व्यायाम और साइकिलिंग के लिए शहरवासियों को नया प्राकृतिक स्थान मिलेगा।
आर्थिक गतिविधियों की भी जगह
- सिटी फारेस्ट क्षेत्र से बाहर की तरफ करीब 1.2 एकड़ में व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। यहां दुकानें और पार्किंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इससे वन क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना को प्रभावित किए बिना आगंतुकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
- आइडीए इस पूरे क्षेत्र के विकास के लिए स्वयं वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराएगा। परियोजना के पूरा होने के बाद यह क्षेत्र न केवल शहर में हरियाली बढ़ाने वाला प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि नागरिकों को प्रदूषण से राहत, खुले वातावरण में व्यायाम और प्रकृति के करीब समय बिताने का नया स्थान भी उपलब्ध कराएगा।
26 प्रकार के पेड़ लगेंगे
यहां पर सघन और सामान्य वन क्षेत्र विकसित किया जाएगा, साथ ही 26 तरह के पेड़ लगाए जाएंगे। जो पर्यावरण को तो सुध करेंगे ही फल और औषधी के काम भी आएंगे। यहां पर नीम, जामून, आम, आवला, चिकू, बेल, गोंदी, शेतुत, अर्जुन, सिरास आदि तरह के पेड़ यहां पर रहेंगे।
क्षेत्र में कितने क्षेत्र में कौनसी सुविधाएं
- 5348 स्केयर मीटर क्षेत्र में पार्किंग
- 32424 स्केयर मीटर क्षेत्र में मियावाकी वन
- 47178 स्केयर मीटर क्षेत्र में सघन वन
- 6789 स्केयर मीटर क्षेत्र में पाथ वे रहेगा
- 7074 स्केयर मीटर क्षेत्र में प्लेग्राउंड एरिया
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