
इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि), Indore Clean City। इंदौर शहर के इतिहास में वर्ष 2020 को स्वच्छता के चौके के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। सफाई के मामले में लगातार चौथी बार नंबर एक आकर इंदौर ने नया इतिहास रचा। इतना ही नहीं, कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन के दौरान पूरे देश में जब व्यवस्थाएं चरमराईं, तब भी शहर में रोज सफाई हुई और घर-घर से कचरा लिया गया। कोरोना संक्रमितों के घरों, क्वारंटाइन सेंटर और अस्पतालों से कचरा लेने के लिए अलग से टीमें लगाई गईं। शहर के सफाईकर्मियों ने जिस तरह से यह जंग लड़ी, वह भी इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गई। नगर निगम के सफाईकर्मियों ने कोरोना संकट के समय भी शहर की सफाई व्यवस्था को ध्वस्त नहीं होने दिया। दो महीने से ज्यादा समय के लॉकडाउन में भी निगम अमला दिन-रात सफाई में जुटा रहा। निगम के आला अधिकारी भी कर्मियों की हौसला अफजाई के लिए रोज सुबह मैदान में उतरते। यही जज्बा है, जिसकी बदौलत लगातार पांचवीं बार इंदौर स्वच्छता के ताज के लिए दावेदारी कर रहा है।
इन कार्यों के नाम होगा 2021
- स्वच्छ सर्वे के अंतर्गत वाटर प्लस सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए शहर 2021 में 100 एमएलडी पानी के पुनर्उपयोग शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
- पहली बार जीरो वेस्ट सिस्टम 2021 में चार वार्डों में लागू होगा।
- नगर निगम शहर में 4-आर गार्डन (रिड्यूस, रिसाइकिल, रियूज और रिफ्यूज) बना रहा है, जिनमें से दो तैयार हो चुके हैं। मार्च तक चारों बगीचे तैयार करने का लक्ष्य है।
- 2021 में नगर निगम ने 58 हजार घरों में होम कंपोस्टिंग शुरू करवाने का लक्ष्य रखा है। जानकारों का दावा है कि साल की पहली या दूसरी तिमाही में लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा।
- नाले की गाद से खाद बनाने के लिए कबीटखेड़ी में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के सहयोग से बनाया जा रहा प्लांट भी 2021 में तैयार होगा।
- रिसाइकिल नहीं होने वाले सूखे कचरे के निपटान के लिए नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन द्वारा ट्रेंचिंग ग्राउंड पर टोरिफाइड कोल का प्लांट भी 2021 में काम करना शुरू करेगा।


