
इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Indore court news। नौ साल पहले हुए संजय ठाकरे हत्याकांड में सोमवार को सत्र न्यायालय का फैसला आ गया। कोर्ट ने सभी आरोपितों को बरी कर दिया है। अभियोजन अपनी कोई बात साबित नहीं कर सका। फैसला पहले 10 दिसंबर को आने वाला था लेकिन एक आरोपित के उपस्थित नहीं हो पाने की वजह से कोर्ट ने इसे 14 दिसंबर तक टाल दिया था। सोमवार सुबह दोपहर करीब 12 बजे कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सभी आरोपितों को बरी कर दिया। एक आरोपित फरार चल रहा है।
तुलसी नगर रहवासी संघ के तत्कालीन अध्यक्ष संजय ठाकरे की एक अप्रैल 2011 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संजय का शव कार से बरामद हुआ था। ठाकरे के स्वजन ने हत्याकांड की साजिश रचने का शक निपानिया की पूर्व सरपंच हेमलता पटेल के पति किशोर पटेल पर जताया था। पुलिस ने किशोर सहित नौ आरोपितों के खिलाफ हत्या, हत्या का षड्यंत्र रचने सहित अनेक धाराओं में केस दर्ज किया था।
मुख्य आरोपित किशोर पटेल कुछ समय के लिए जमानत पर भी रिहा हुआ था लेकिन बाद में उसके खिलाफ गवाहों को धमकाने की शिकायत हुई। जिसके आधार पर कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद से वह जेल में था। आरोपित कमलेश की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट महेंद्र मौर्य ने बताया कि सोमवार को न्यायाधीश विवेक सक्सेना ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए सभी आरोपितों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने अभियोजन की किसी दलील को विश्वसनीय नहीं माना। कोर्ट ने माना कि अभियोजन आरोपितों के खिलाफ अपनी बात साबित करने में पूरी तरह से असफल रहा है।