यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Indore Court News: कोटेश्वरी नदी पर पुलिया निर्माण को लेकर 90 दिन में लें निर्णय
Indore Court News: जनहित याचिका का निराकरण करते हुए हाई कोर्ट ने शासन से कहा।
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Sat, 17 Feb 2024 02:26:12 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Feb 2024 02:26:12 PM (IST)
तैरकर नदी पार करने की मजबूरी, वर्षा के दौरान करीब चार माह तक नदी में पानी का प्रवाह तेज रहता है। इस दौरान स्कूली बच्चों को तैरकर नदी पार करनी पड़ती है। - फाइल फोटोHighLights
- नदी पार कर जाने की मजबूरी, लागत 108.13 लाख रुपये
- धार जिले में कोटेश्वरी नदी पर पुलिया नहीं होने से स्कूली बच्चों को तैरकर नदी पार करनी होती है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर Indore Court News। सरकार धार जिले में कोटेश्वरी नदी पर पुलिया बनाने के बारे में 90 दिन में निर्णय ले। यह पुलिया ग्रामीणों के लिए ही नहीं बल्कि उन बच्चों के लिए भी बहुत जरूरी है, जो नदी को तैर कर पार करते हैं ताकि समय पर स्कूल पहुंच सकें। हम उम्मीद करते हैं कि इस आदेश के बाद वर्षों से अटकी पुलिया वास्तव में बनकर तैयार हो जाएगी।
मप्र हाई कोर्ट की
इंदौर खंडपीठ ने इस आदेश के साथ उस जनहित याचिका का निराकरण कर दिया, जिसमें कोटेश्वरी नदी पर पुलिया नहीं होने का मुद्दा उठाया गया था। याचिका ऋषभ गुप्ता ने दायर की थी। इसमें कहा था कि धार जिले में कोटेश्वरी नदी पर पुलिया नहीं होने से स्कूली बच्चों को तैरकर नदी पार करनी होती है।
जिला पंचायत सीईओ ने वर्ष 2011 में नदी पर पुलिया बनाने का प्रस्ताव शासन को सौंपा था, लेकिन यह कागजों से बाहर नहीं निकल सका। नदी के दूसरी तरफ बसे कई गांवों के माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थी 10-12 किमी लंबे रास्ते के बजाय नदी को तैरकर पार करते हैं और स्कूल पहुंचते हैं।
याचिका में दिए जवाब में
शासन ने खुद भी स्वीकारा कि नदी पर पुलिया बनाने का प्रस्ताव वर्ष 2011 में जिला पंचायत सीईओ से मिला था। इस पुलिया की लागत 108.13 लाख रुपये है।