
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। रक्षाबंधन पर इंदौर क्राइम ब्रांच ने गुम और चोरी हुए मोबाइल ढूंढकर 238 लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी। पीड़ितों ने इसकी सिटीजन काप एप पर शिकायत की थी। पुलिस के साइबर एक्सपर्ट ने सीईआईआर पोर्टल की मदद से मध्य प्रदेश सहित महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से मोबाइल तलाशकर बरामद कर लिए।
गुरुवार को करीब 75 लाख रुपये कीमत के 238 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। इनमें 11 आईफोन भी शामिल हैं। डीसीपी (अपराध) राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, क्राइम ब्रांच ने वर्ष 2026 में अब तक गुम मोबाइल की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए कुल 1045 मोबाइल फोन तलाशकर आवेदकों को वापस किए हैं।
खास बात यह है कि गुम होने के बाद ये मोबाइल इंदौर ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग शहरों में इस्तेमाल किए जा रहे थे। साइबर टीम ने तकनीकी जानकारी के आधार पर इनकी लोकेशन और इस्तेमाल का पता लगाया और फिर अलग-अलग स्थानों से मोबाइल बरामद किए।
इस बार बरामद 238 मोबाइल में सबसे ज्यादा 77 वीवो, 38 ओप्पो, 29 सैमसंग, 22 वनप्लस और 16 रेडमी के फोन हैं। इसके अलावा 11 आईफोन भी बरामद किए गए हैं।
क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने सिटीजन काप एप और सीईआइआर पर मिली शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण किया। आईएमईआई नंबर के आधार पर ऐसे मोबाइल की जानकारी जुटाई गई, जिनमें किसी दूसरी सिम का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस टीम ने मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के साथ ही महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित अन्य राज्यों से मोबाइल बरामद किए।
इंदौर क्राइम ब्रांच की सिटीजन काप एप्लीकेशन में गुम या चोरी हुए सामान की ऑनलाइन शिकायत करने की सुविधा है। मोबाइल गुम होने पर एप में ‘रिपोर्ट लॉस्ट आर्टिकल’ विकल्प के जरिए शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसमें मोबाइल की जानकारी, बिल अथवा थाने की शिकायत की कापी और वैकल्पिक मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है। मोबाइल मिलने पर पुलिस इसी वैकल्पिक नंबर पर संबंधित व्यक्ति को सूचना देती है।
मोबाइल चोरी या गुम होने पर सीईआइआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल के जरिए मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लाक कराया जा सकता है। इसके लिए पहले थाने में शिकायत दर्ज कराने और सिम दोबारा जारी करवाने के बाद सीईआईआर पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। मोबाइल का बिल, पुलिस शिकायत और पहचान संबंधी दस्तावेज अपलोड करने के बाद एक रिक्वेस्ट आईडी मिलती है, जिससे शिकायत की स्थिति देखी जा सकती है।
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