
Indore Crime News: इंदौर।नईदुनिया प्रतिनिधि। साढ़े छह वर्षीय हर्ष चौहान को अगवा कर हत्या करने वाले बदमाश 15 दिन से मौका तलाश रहे थे।मुख्य आरोपित रितिक 15 दिन से करीबी बढ़ा रहा था। बच्चे को चाकलेट और बिस्किट खिलाने आता था। साजिश से अनजान मासूम बच्चा आरोपित को दादू-दादू बोलकर साथ खेलता रहता था।
पिगडंबर(किशनगंज) निवासी जितेंद्र चौहान वैसे तो किसान हैं, लेकिन उनकी क्रशर मशीनें भी चलती हैं। हाल में उन्होंने रेसो डील में कालोनी काटी है। रितिक उनकी आर्थिक स्थिति के बारे में जानता था। इसके बाद उसने चाचा अशोक के बेटे विक्की उर्फ विक्रांत के साथ साजिश रचना शुरू कर दी।
अशोक शाजापुर जिले में सिपाही के पद पर पदस्थ रहा है। उसके निधन के पश्चात विक्की के बड़े भाई देवेश की कांस्टेबल की अनुकंपा नौकरी लग गई। एडिशनल डीसीपी(ग्रामीण) शशिकांत कनकने के मुताबिक रितिक पीथमपुर की एक फेक्टरी में काम करता है और राऊ सर्किल के पास किराये रहता है। करीब 15 दिन से वह नाना के घर ज्यादा आने लगा। हर्ष से नजदीकी बढ़ाने के लिए चाकलेट और बिस्किट खिलाने लगा था। रविवार को अपहरण को अंजाम देने के लिए वह हर्ष को क्रासिंग तक ले गया और विक्की के सुपुर्द कर दिया।जो बच्चा उसे दादू बोलता था उसके मुंह पर टेप चिपका दी और दोनों हाथ पैर भी बांध दिए।
पांच महीने पहले खरीदा फिरौती के लिए सिमकार्ड
डीआइजी चंद्रशेखर सोलंकी के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि आरोपितों ने जिस नंबर से फिरौती मांगी वो सिम कार्ड पिछले साल उज्जैन से सितंबर में खरीदा गया था।सिम आगर-शाजापुर के व्यक्ति के नाम की निकली है।जिस कार(अल्टो) से अपहरण हुआ वो कार विक्की के रिश्तेदार जगदीश की है।
पुलिस अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। विक्की ने बताया वह ओंकारेश्वर जाने का बोलकर लाया था। उधर सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद स्वजन ने रितिक से पूछा तो उसने बताया कि वह हर्ष को खेलने के लिए ले गया था। वह घर में पानी पीने अंदर चला गया और हर्ष लापता हो गया।
स्वयं हर्ष के पिता को भी यकीन नहीं हुआ कि रितिक उनके बेटे का अपहरण कर सकता है। पुलिस अफसरों द्वारा शक जताने पर भी वे रितिक को नादान बताते रहे। काल डिटेल से पता चला रितिक और विक्की की लगातार बात हो रही थी। दोनों आरोपित पहले रूममेट रहे हैं। रितिक के पिता ने उसकी मां को जलाकर मार दिया था। उसका छोटा भाई रोशन चार साल की उम्र से उसके मामा विजेंद्र के साथ पिगडंबर में ही रह रहा है।