Indore Crime News : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नमकीन व प्रोटीन कारोबारी स्वास्तिक अग्रवाल के फ्लैट में हुई 50 लाख रुपये की चोरी का खुलासा हो गया। एमआइजी पुलिस ने दो मुख्य आरोपितों को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया। चोर वारदात के दौरान 200 किमी पहले मोबाइल बंद कर एक दूसरे से संपर्क के लिए वाकी-टाकी का उपयोग करते थे।

हैदराबाद पुलिस ने बताया कि यह गिरोह इंदौर से पहले भोपाल में भी दो घटनाओं को अंजाम दे चुका है। इनके पास से औजार और पिस्टल के साथ कारतूस भी मिली हैं।

गौरतलब है कि साईं संपदा अपार्टमेंट निवासी स्वास्तिक अग्रवाल के फ्लैट (209) में 22 मई को चोरी हुई थी। चोर सोना-चांदी के आभूषण सहित एक लाख 75 हजार रुपये चुरा कर ले गए थे। स्वास्तिक ने चोरी गए आभूषणों की कीमत 25 लाख रुपये बताई लेकिन स्वजन ने बताया चोर 50 लाख से ज्यादा के जेवर और रुपये ले गए हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने गाजियाबाद के मोहम्मद शरीफ पुत्र शब्बीर और नसीम को चिन्हित कर लिया। टीम ने छापा भी मारा लेकिन आरोपित मोबाइल बंद कर फरार हो गए।

साइबर सेल की मदद ली और बुधवार को मोबाइल लोकेशन के आधार पर दो आरोपितों को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया। एडिशनल डीसीपी जोन-2 राजेश व्यास के मुताबिक आरोपितों ने पूछताछ में हैदराबाद में भी चोरी करना स्वीकारा है। आरोपितों ने बताया कि गिरोह के दो सदस्य कार में बैठे रहते थे। चोरी करने वाले साथियों से वाकी-टाकी से संपर्क में रहते थे।

ई-मेल हैक कर गूगल लोकेशन से पीछा कर रही थी पुलिस

पुलिस ने घटना स्थल से सीसीटीवी फुटेज निकाले तो तीन आरोपित लिफ्ट में जाते हुए दिख गए। उनकी कार (महाराष्ट्र पासिंग) के नंबर मिले लेकिन वह फर्जी निकले। टोल नाकों से फुटेज निकालकर गाजियाबाद पहुंचे तो पता चला चोरों ने नोयडा की कार का उपयोग किया है। बाद में उस नंबर की कार फायनेंस कंपनी के यार्ड में जब्त मिली। पुलिस ने टोलनाका से कार के फास्टैग का ब्योंरा निकाला तो एक मोबाइल नंबर हाथ लग गया। हालांकि यह नंबर भी फर्जी आइडी से लिया था।

पुलिस ने उक्त नंबर की काल डिटेल निकाली तो चोरों के असली नंबर सामने आ गए। दबिश मारने पर चोर घरों से फरार हो गए। पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट की मदद से उनके ई-मेल को हैक किया और गूगल लोकेशन से पीछा करना शुरू कर दिया। एडिशनल डीसीपी के मुताबिक चोरों ने कई शहरों में वारदात की है। आरोपित मो. शरीफ जमाती है और गाजियाबाद में मौलवी बनकर रहता था। पूछताछ के लिए हैदराबाद की कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लिया जा रहा है।

Posted By: Hemraj Yadav

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