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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इंदौर में पौधारोपण का बना कीर्तिमान, लेकिन पुराने पेड़ों को बचाने में नाकाम, हजारों चढ़ेंगे मेट्रो की भेंट

इंदौर में शहर के विकास कार्यों के लिए अधिकांश पेड़ों को काटा और ट्रांसप्लांट किया जा रहा है। पिछले वर्ष फ्लाईओवर निर्माण के लिए ट्रांसप्लांट किए गए ढा...और पढ़ें

By Neeraj PandeyEdited By: Neeraj Pandey
Publish Date: Sun, 21 Jul 2024 07:32:01 PM (IST)Updated Date: Sun, 21 Jul 2024 07:32:01 PM (IST)
इंदौर में पौधारोपण का बना कीर्तिमान, लेकिन पुराने पेड़ों को बचाने में नाकाम, हजारों चढ़ेंगे मेट्रो की भेंट
इंदौर में पेड़ों को किया जा रहा ट्रांसप्लांट।

HighLights

  1. फ्लाईओवर के लिए ट्रांसप्लांट किए गए कई पेड़ सूखे
  2. इंदौर मेट्रो के लिए ट्रांसप्लांट किए जा रहे हजारों पेड़
  3. विशेषज्ञ ने कहा, ट्रांसप्लांट करने का तरीका सही नहीं

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जिले में वर्षाकाल में 51 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसी कड़ी में गत दिनों एक दिन में 11 लाख पौधे लगाने का कीर्तिमान भी बनाया जा चुका है। दूसरी तरफ शहर में विकास कार्यों के लिए पेड़ों की कटाई और ट्रांसप्लांट का काम जारी है।

गत वर्ष शहर के प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए हजारों पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया गया था। दावा था कि सभी पेड़ जीवित रहेंगे, लेकिन अधिकांश पेड़ सूख चुके हैं। अब मेट्रों के लिए फिर से पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जाएगा।रोबोट चौराहे पर दो दिन से पेड़ों की छंटनी की जा रही है।


करीब ढाई हजार पेड़ों को किया गया था ट्रांसप्लांट

शहर में खजराना, भंवरकुआं, लवकुश और फूटी कोठी चौराहों पर बन रहे फ्लाईओवर के लिए गत वर्ष करीब ढाई हजार पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया गया था। यह पेड़ सुपर कारिडोर, अटल बिहारी वाणिज्य एवं कला महाविद्यालय परिसर आदि स्थानों पर ट्रांसप्लांट किए गए थे। इसके लिए इंदौर विकास प्राधिकरण ने एजेंसी की थी और पूरी प्रक्रिया अपनाकर पेड़ ट्रासप्लांट किए थे।

देखरेख के अभाव में सुपर कारिडोर और अटल बिहारी वाणिज्य एवं कला महाविद्यालय परिसर के अधिकांश पेड़ सूख चुके हैं। ट्रांसप्लांट के बाद ठेकेदार की जिम्मेदारी थी कि वह पेड़ों की देखरेख भी करेंगे, लेकिन उचित देखभाल नहीं होने से पेड़ सूख गए।

कई सूखे पेड़ उखाड़े गए

अटल बिहारी वाणिज्य एवं कला महाविद्यालय परिसर में ट्रांसप्लांट किए गए कई सूखे पेड़ों के तनों को उखाड़ दिया गया। ठेकेदार द्वारा ही यह कार्य किया गया। बावजूद अभी भी सूखे पड़े खड़े हैं। यह पेड़ भंवरकुआ चौराहे से ट्रांसप्लाट किए गए थे। यही हाल अन्य स्थानों पर है। धीरे-धीरे पेड़ों के तनों को हटाया जा रहा है।

रिटायर डिप्टी कंजरवेटर अशोक खराटे ने बताया कि, "इंदौर में ट्रांसप्लांट करने का तरीका चुनिंदा लोगों को ही पता है। बिना तकनीक के पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जा रहा है। ट्रांसप्लांट करने वालों को रूट सिस्टम तक की जानकारी नहीं है। इस वजह से पेड़ों को उचित ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा है।"

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यह है उचित प्रक्रिया

  • जुलाई से सितंबर के बीच किया जाए ट्रांसप्लांट
  • पेड़ों के साथ जड़ें मिट्टी के साथ निकाली जाएं
  • डालियों की छटनी की जाए, तने को छोड़कर
  • ट्रांसप्लांट में उचित केमिकल का उपयोग हो
  • गर्मियों में एक दिन छोड़कर भरपूर पानी दिया जाए

गत वर्ष यहां से किए थे पेड़ ट्रांसप्लांट

  • खजराना चौराहा - 1313
  • भंवरकुआं चौराहा - 700
  • लवकुश चौराहा - 200
  • फूटी कोठी - 256

यहां से भी फ्लाईओवर के लिए पेड़ हो रहे ट्रांसप्लांट

  • सत्यसाई चौराहा - 133
  • मूसाखेड़ी चौराहा - 155
  • आइटी चौराहा - 351
  • देवास नाका - 400