
Indore Firing Case: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सिरफिरे गार्ड की बंदूक का निशाना बनी ज्योति अपने पति राहुल की आखिरी निशानी के लिए लड़ रही है। राहुल की गोली लगने से मौत हो चुकी है। ज्योति की दायीं आंख में छर्रा फंसा है। उसके पेट में पांच माह का गर्भ है। छर्रा निकालने के लिए आपरेशन करना पड़ेगा। ऐसे में बच्चे का बचना मुश्किल है।
गुरुवार रात कृष्णबाग कालोनी में बैंक आफ बड़ौदा के गार्ड राजपालसिंह राजावत ने राहुल वर्मा और उसके जीजा विमल आमचा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बीच बचाव में ज्योति भी घायल हुई थी। उसकी आंख में छर्रा फंसा हुआ है। गर्भवती होने के कारण स्वजन ने उसे राहुल के बारे में नहीं बताया था।
शुक्रवार दोपहर अंतिम संस्कार के ठीक पहले अंतिम दर्शन करवा गए तो पता चला राहुल उसे छोड़ कर चला गया। महिलाओं ने उसके हाथों से चुड़िया निकाली लेकिन ज्योति ने कोई हरकत नहीं की। वह बस एक टक राहुल को देखती रही। अस्पताल में भी कुछ नहीं बोल रही है। स्वजन और रिश्तेदारों का घर पर रहना जरुरी है।
ज्योति की देखभाल के लिए भाई संयम अस्पताल में ही रुका है। डाक्टर ने कहा कि गर्भवती होने के कारण ज्यादा दवाईंया भी नहीं दे सकते। एक्स-रे, एमआरआइ करने में दिक्कतें है। आपरेशन करने के पहले इंजेक्शन लगाने होंगे। ऐसे में बच्चे का बचना मुश्किल है।
शनिवार को ज्योति को ओटी में ले जाने के पहले नर्स ने जरुरी पेपर पर साइन करवाए तो ज्योति रोते हुए बोली राहुल की आखिरी निशानी तो रहने दो। रिश्तेदार महेश वर्मा ने साइन कर दिए और कहा कि चार साल के बच्चे को संभालना है। हमारे लिए ज्योति का बचना जरुरी है।
खजराना पुलिस ने शनिवार को आरोपित राजपालसिंह राजावत उसके बेटे साहिल उर्फ सुधीर और रिश्तेदार शुभम को कोर्ट पेश कर जेल भेज दिया। टीआइ उमरावसिंह के मुताबिक पुलिस ने मृतकों और घायलों के स्वजन के कथन ले लिए है। जिस बंदूक से गोलियां चलाई उसको भी जब्त कर लिया है। पुलिस का दावा है कि राजपालसिंह ने निशाना लगाकर गोलियां चलाई थी। उसने हत्या के मकसद से ही फायर किए है। इसके पहले पुलिस हवा में फायर करने का दावा कर रही थी।
स्वजन भी इस बात से नाराज हुए थे। एमवाय अस्पताल में पुलिसवालों पर बयान बदलने का आरोप लगाया तो अफसरों ने एसआइटी गठित की और धाराएं बढ़ाई। राजपाल का एक बेटा सूरज सेना में है।हालांकि घटना के वक्त वह चौराहा पर मौजूद था। पुलिस को जानकारी मिली कि सूरज सेना से निलंबित चल रहा है। वह 40 दिन से घर पर ही रह रहा है।
पुलिस ने पूछताछ करने बुलाया तो कहा मेडिकल पर शहर आया था। शनिवार को पुलिस ने राजपाल और पल्लवी के श्वान को एनजीओ के सुपुर्द कर दिया। राजपाल की पत्नी घर से गायब है। श्वान तीन दिन से भूखा था। पल्लवी और राजपाल के श्वान में झगड़ा हुआ था। विमल के भाई प्रमोद ने दोनों श्वान को डंडा मार कर भगाया था।