
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक के दबाव और जाम की समस्या के बीच एलआइजी चौराहे से नौलखा चौराहे तक एलिवेटेड कारिडोर बनाने की दिशा में उम्मीदें बढ़ी हैं। इस संबंध में हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के फैसले के बाद इंदौर उत्थान अभियान ने बैठक रखी, जिसमें कारिडोर को शहर के विकास और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए जरूरी कदम बताया गया। वक्ताओं का कहना था कि एबी रोड पर वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी लोगों को काफी समय लगता है। कारिडोर बनने से इस समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।
अभियान के अध्यक्ष अजीत सिंह नारंग ने कहा कि शहर को महानगर के रूप में विकसित करने, बेहतर मास्टर प्लान तैयार कराने और लंबे एलिवेटेड कारिडोर की जरूरत को सामने लाने के लिए वर्षों तक प्रयास किए गए हैं। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को बेहतर सुविधाओं वाला शहर देना है
एसजीएसआइटीएस के डीन एवं प्रो. संदीप नारुलकर ने बताया कि कारिडोर से वाहन चालकों को बार-बार चौराहों पर रुकने और फ्लाईओवर पर चढ़ने-उतरने की परेशानी से राहत मिलेगी। इससे जाम और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की संभावना है।संयोजक एसएस कुटुंबले ने कहा कि कारिडोर में उचित स्थानों पर भुजाएं और रोटरी बनाई जाएं, ताकि अधिक चौराहों पर यातायात सुगम हो सके।
जल विशेषज्ञ डा मुकेश चौहान ने आधुनिक बुनियादी सुविधाओं को शहरी विकास का आधार बताया। बैठक में दीपावली के बाद अभियान जलप्रदाय और मल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी और आर्थिक सुझाव शासन के सामने रखेगा। कारिडोर के प्रस्ताव में योगदान देने वाले युवा इंजीनियर अपूर्व महाशब्दे, आर्किटेक्ट अर्चित सेठी और इंजीनियर दिलीप शर्मा का सम्मान किया गया। संचालन अशोक कोठारी ने किया और आभार हरीश मनेरिया ने माना।