
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर: शहर में सड़क हादसों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि एमवाय अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। एमवाय अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग में सड़क हादसों के 50 प्रतिशत मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं।
विभाग में वर्ष भर में तीन हजार माइनर और 900 मेजर सर्जरी होती है। यहां सिर्फ इंदौर के ही नहीं संभाग भर के मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां अधिक संख्या में मरीजों के आने का कारण यह भी है कि हादसों में पुलिस रिपोर्ट दर्ज करती है, ऐसे में सबसे पहले मरीजों को यहीं लेकर आते हैं।
न्यूरो सर्जरी विभाग के हेड और प्रोफेसर डा. राकेश गुप्ता ने बताया कि सबसे अधिक केस सड़क हादसों के आते हैं। इसके अलावा 50 प्रतिशत ब्रेन ट्यूमर, रीढ़ की हड्डी, बच्चों के सिर में पानी भर जाना, लकवे आदि के आते हैं। इसके अलावा आदिवासी क्षेत्रों से सिर में तीर लगे केस भी आते हैं। इनमें से कई जटिल केस भी आते है, जिनका इलाज विशेषज्ञों की टीम सफलतापूर्वक करती है।
डा. गुप्ता ने बताया कि हमारे पास जो केस आते हैं, उनमें से अधिकांश लोग हेलमेट का उपयोग ही नहीं करते हैं। जिसके कारण उनके सिर पर गंभीर चोट लग जाती है। इन हादसों से लोगों को सबक लेना चाहिए और वाहनों को सावधानी पूर्वक चलाना चाहिए, साथ ही हेलमेट का भी प्रयोग करना चाहिए। अस्पताल में मरीजों का निश्शुल्क उपचार किया जाता है।
वहीं बात करें सड़क हादसों की तो केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एक रिपोर्ट में सड़क हादसों में पहले स्तान पर दिल्ली में 5,652 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, इसके बाद दूसरे स्थान पर इंदौर में 4,680 और फिर जबलपुर 4,046 का स्थान आता है।