
डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर शहर के इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालुओं को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा के दर्शन नहीं हो रहे हैं। तीनों बीमार हैं और गर्भगृह में पुजारी इनकी देखरेख कर रहे हैं। थर्मामीटर से लगातार तापमान मापा जा रहा है। इसके साथ ही भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा को आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाया जा रहा है।
भगवान अब 19 जुलाई को रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन देने निकलेंगे। पुजारियों ने भगवान को कंबल ओढ़ा रखा है और भोग लगाने के समय पर दवाई पिलाई जा रही है। इनके लिए अदरक, शहद, लौंग, काली मिर्च, दालचीनी, सोंठ और अन्य आयुर्वेदिक औषधियों को मिलाकर विशेष काढ़ा बनाया गया है। भगवान को ज्वर के दौरान खिचड़ी के साथ हल्का भोजन दिया जा रहा है।
पुजारियों के अनुसार स्नान पूर्णिमा के दिन भगवान को पवित्र तीर्थों और नदियों के जल से स्नान कराया जाता है। जिसके बाद उन्हें बुखार चढ़ जाता है। इस दौरान 15 दिनों तक भगवान का गर्भगृह में काढ़ा और अन्य औषधियां पिलाकर इलाज किया जाता है।
इस दौरान श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन नहीं होते। 15 दिनों के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा के साथ श्रद्धालुओं को दर्शन देने निकलते हैं। यही रथयात्रा पर्व के रूप मनाया जाता है।
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