Indore Lokesh Solanki Column, लोकेश सोलंकी, इंदौर नईदुनिया। इंदौर शहर के दूसरे सबसे धनी व्यापारी संगठन इंदौर लोहा व्यापारी संगठन (इल्वा) में चुनावी चुंबक से लोहे वालों की छंटाई शुरू कर दी है। संस्था में इस साल चुनाव होना है। दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पैनलों की राजनीति से अजीज आ चुके व्यापारियों ने संस्था सदस्यों के बीच संदेश प्रसारित करना शुरू कर दिया है। वाट्सएप ग्रुपों पर लिखा जा रहा है कि तेल, दूध, होटल और शेयर का काम करने वालों का बहिष्कार किया जाए। दरअसल कई लोगों ने लोहे का धंधा बरसों से छोड़ दिया लेकिन सदस्यता नहीं छोड़ी। ऐसे लोग पैनलों को चला रहे हैं। कभी झगड़ा और कभी बांटकर राज करने वाले दो प्रमुख पदाधिकारियों पर भी आरोप है कि एक सिर्फ बिल बेच रहे हैं तो दूसरे लोहा नहीं बेचकर सिर्फ किराए की कमाई पर घर चला रहे हैं। दूसरी लहर के कारण लेट हुए चुनाव की बाजी तीसरे पैनल के उदय से पलटती दिख रही है।
कचरे के साथ राजस्व का निपटारा
लसूड़िया क्षेत्र में तमाम कंपनियों के गोदाम हैं। एक्सपायर्ड होने वाले माल के निपटारे की जिम्मेदारी गोदाम वाले कंपनी के एजेंटों पर होती है। नगर निगम ने प्रक्रिया तय कर रखी है। खराब माल को नष्ट करने के लिए कंपनी के गोदामों में निगम की गाड़ी पहुंचती है। माल को नष्ट करने ट्रेंचिंग ग्राउंड भेज दिया जाता है। इसके लिए गोदाम वालों को माल के वजन के हिसाब से रसीद कटवानी पड़ती है। 20-25 हजार रुपये एक गाड़ी पर खर्च करने के बजाय गोदामों का कचरा अब सात से आठ हजार रुपये में निपट रहा है। निगम से बीते दौर में अनुबंधित रही ऐसी गाड़ियां गोदामों में पहुंचती हैं जिन पर निगम लिखा होता है। बिना रसीद काटे कम खर्च में कचरा निपटा दिया जाता है। जोन के जिम्मेदार अब तो ट्रेंचिंग ग्राउंड के बजाय एक्सपायर्ड माल को बाजार में खपाना भी सीख गए हैं।
दो लाख से मंडी में फूटा असंतोष
उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों ने दाल-दलहनों पर स्टाक लिमिट लागू कर दी। झाबुआ-आलीराजपुर जैसे कस्बों के कई कारोबारी अब तक इंदौर के व्यापारियों के गोदामों में अपना माल रख रहे थे। कानून के मुताबिक अब कोई भी कारोबारी तय सीमा से ज्यादा स्टाक अपने पास नहीं रख सकता। नतीजा हुआ कि इंदौर के कारोबारियों ने बाहर वालों को कह दिया अपना माल उठाओ। बाहर के कारोबारियों ने इंदौर में गोदाम के लिए मंडी प्रशासन से लाइसेंस मांगा। दो दिन पहले 19 व्यापारियों के लाइसेंस जारी हुए। मंडी में चर्चा है कि 15 दिनों से अटके लाइसेंस जारी करवाने के लिए टेबल के नीचे से दो लाख देने पड़े। कुछ कारोबारियों ने सौदे को मोबाइल में कैद कर लिया है। रिश्वतखोरी से परेशान व्यापारी अब दफ्तर में बैठे बिचौलिए की आवाज कलेक्टर तक पहुंचाने का रास्ता तलाश रहे हैं।
सांवेर की विरासत
कांग्रेस के बैनर तले बीते दिनों हुए दो आयोजनों के बाद सांवेर विधानसभा में राजनीतिक विरासत के वारिसों को लेकर फिर से चर्चा चल पड़ी है। पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू की बेटी ने पहले सांवेर में बिजली के बिलों के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। थोड़े दिनों में इंदौर में दूसरा विरोध प्रदर्शन कर दिया। अचानक हुए राजनीतिक प्रदर्शनों के बाद कांग्रेसी तो भौचक हैं ही, विरोधी खेमे यानी भाजपा में बैठे लोग भी विश्लेषण करने लगे हैं। दरअसल भाजपा के गलियारों में पहले से चर्चा थी कि मंत्री पुत्र चिंटू अगले चुनाव में सांवेर में सिलावट की विरासत संभाल सकते हैं। रीना की सक्रियता से अंदाजा लगाया जा रहा है कि मंत्री पुत्र के बेटे का सामना करवाने के लिए कांग्रेस ने पूर्व सांसद की बेटी को मैदान में उतारने की तैयारी कर ली है। समीकरण सांवेर के चुनाव तो रोचक बना रहे हैं।