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इंदौर मनमाड़ रेल लाइन : मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच रेल से सीधे संपर्क का सपना होगा साकार

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को सीधे जोड़ने वाली इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना का काम तेज हो गया है।

By Pranay ChouhanEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Thu, 18 Jun 2026 11:14:05 AM (IST)Updated Date: Thu, 18 Jun 2026 11:51:30 AM (IST)
इंदौर मनमाड़ रेल लाइन : मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच रेल से सीधे संपर्क का सपना होगा साकार
इंदौर मनमाड़ रेल लाइन के लिए जारी है पटरी बिछाने का का काम। - प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. पहले चरण में सेंधवा के पास बोरविहीर-नरडाणा के बीच 5 किमी पटरी बिछ चुकी है
  2. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2 सितंबर 2024 को 309 किमी लंबे शेष मार्ग को मंजूरी दी थी
  3. 18,036 करोड़ रुपये की इस परियोजना में प्रमुख स्थानों पर 34 रेलवे स्टेशन बनेंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को सीधे रेल मार्ग से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने लगी है। पहले चरण में सेंधवा के समीप बोरविहीर-नरडाणा के बीच लगभग पांच किमी रेल पटरी बिछाने का कार्य पूरा हो गया है।

मनमाड़-इंदौर रेल मार्ग महाराष्ट्र के नाशिक और धुलिया जिलों से होते हुए मप्र के बड़वानी, खरगोन, धार और इंदौर जैसे महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ेगा। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो सितंबर 2024 को परियोजना के शेष लगभग 309 किमी लंबे रेल मार्ग को मंजूरी प्रदान की थी।


इसके लिए लगभग 18 हजार 36 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। आगामी दो वर्षों में लगभग 50 किमी रेल लाइन का कार्य पूरा होने की संभावना है। इस रेल मार्ग में कुल 34 रेलवे स्थानों का प्रावधान किया हैं, जिसमें 30 नए स्थान बनाए जाएंगे। मध्य प्रदेश में 18 और महाराष्ट्र में 16 स्थान प्रस्तावित हैं।

एमपी और महाराष्ट्र के प्रमुख स्थानों से होकर गुजरेगी लाइन

महाराष्ट्र के प्रमुख स्थानों में मनमाड़, खाटगांव, चौंडी, मेहुणा, यसगांव, बुद्धक, मालेगांव, चिखलओहळ, झोड़गे, पुरणपाडा, लळिंग, न्यू धुळे, नरडाणा, दभाशी, शिरपुर, लोकी और पलासनेर शामिल हैं।

मध्य प्रदेश के प्रस्तावित स्थानों में सेंधवा क्षेत्र के बाबदड़-बनिहार सहित मालवण, साळीकला (ओझर), जुलवानिया, कुसमारी, बड़वानी, अंजड़, जरवाह, कोठड़ा, ग्यासपुरखेड़ी, चिखट्याबाद, निमगांव, सराय तालाब, झांडी बरोडा, कमलपुर, कैलोड़ और डॉ. अंबेडकर नगर (महू) शामिल हैं।

परियोजना के लिए कुल 1701 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें 1420.5 हेक्टेयर निजी भूमि, 243 हेक्टेयर सरकारी भूमि और 37 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। महाराष्ट्र के नाशिक और धुलिया जिलों में लगभग 709 हेक्टेयर, जबकि मप्र में लगभग 905 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी।

बनेगी सुरंग और बड़े पुल

परियोजना में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक का उपयोग होगा। मप्र में सात सुरंगें बनाई जाएंगी, जिनकी कुल लंबाई लगभग 30 किमी होगी। सबसे बड़ी सुरंग लगभग 6.2 किमी लंबी होगी। महाराष्ट्र में दो सुरंगें प्रस्तावित हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग साढ़े तीन किमी होगी।

मध्य प्रदेश में नर्मदा, चंबल और नदियों पर बड़े पुल बनाए जाएंगे। मप्र में कुल 133 पुल एवं महाराष्ट्र में 11 पुल प्रस्तावित हैं। महाराष्ट्र में गिरना, तापी और अरुणावती नदियों पर बनने वाले पुल परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्से होंगे।

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