यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Indore Mental Hospital: जुलाई तक मिल सकती है सेंटर आफ एक्सीलेंस की सौगात
Indore Mental Hospital: प्रदेश में पहला, लोगों को नशे से दूर करने के लिए मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं।
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Fri, 08 Mar 2024 10:11:42 AM (IST)Updated Date: Fri, 08 Mar 2024 10:11:42 AM (IST)
सेंटर आफ एक्सीलेंसHighLights
- बाणगंगा मानसिक अस्पताल को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- देश के कुछ गिने-चुने शहरों में ही इस तरह के सेंटर हैं
- इस सेंटर में लोगों को नशे से दूर करने के लिए भी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर Indore Mental Hospital। बाणगंगा मानसिक अस्पताल को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका काम अब अंतिम चरणों में है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जुलाई तक काम पूरा हो सकता है। मप्र में इस तरह का कोई अस्पताल नहीं है। देश के कुछ गिने-चुने शहरों में ही इस तरह के सेंटर हैं। इस सेंटर में लोगों को नशे से दूर करने के लिए भी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इससे शहर के साथ ही प्रदेशभर के लोगों को लाभ होगा। इसे सुपर स्पेशिएलिटी मानसिक अस्पताल की तरह बनाया जा रहा है।
बता दें कि सेंटर आफ एक्सीलेंस 33.1 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। अधिकारियों ने बताया कि
सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित होने से इसकी गिनती राष्ट्रीय स्तर पर होगी। नई बिल्डिंग में 60 मरीजों के हिसाब से बिस्तर लगेंगे। इसमें नशे से छुटकारा पाने के साथ ही बच्चों और बुजुर्गों में मनोरोग संबंधी समस्याएं दूर करने के लिए अलग-अलग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
मानसिक स्वास्थ्य केंद्र
बाणगंगा में आने वाले समय में रोगियों की जांच भी नई तकनीक और आधुनिक मशीनों से हो सकेगी। अगले चरण में इसे पूरे मध्य प्रदेश से आने वाले मरीजों के लिए रेफरल सेंटर भी बनाया जाएगा। बता दें कि इसमें इलाज का लाभ प्रदेश ही नहीं, आसपास के राज्य के लोगों को भी मिल सकेगा। मानसिक रोगियों की संख्या में हर साल बढ़ोतरी हो रही है। मानसिक चिकित्सालय में हर वर्ष एक लाख से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। इसके असाला टेलीमानस हेल्पलाइन के माध्यम से भी विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग की जाती है।
अभी नशा छुड़वाने की दवाई के लिए जाना पड़ता है दिल्ली और मुंबई
सेंटर फार एक्सीलेंस बनने से मानसिक रोगियों सहित नशा से ग्रस्त मरीजों का इलाज भी पूरी तरह संभव हो सकेगा। अन्य नशा करने वालों के साथ ही ब्राउन शुगर का नशा करने वाले मरीजों के इलाज व दवाई की व्यवस्था भी होगी। अभी ब्राउन शुगर का नशा करने वालों को दिल्ली, मुंबई इलाज व दवाई के लिए जाना पड़ता है। साथ ही यहां रिसर्च सेंटर भी स्थापित होगा, जिससे नए रिसर्च को भी बढ़ावा मिलेगा। बता दें कि वर्ष 2016-17 में नेशनल सेंटर हेल्थ प्रोग्राम के तहत इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिली थी।
सेंटर आफ एक्सीलेंस का निर्माण कार्य चल रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जुलाई तक इसका काम पूरा हो जाएगा। इसके शुरू हो जाने से मानसिक रोगियों को लाभ मिलने लगेगा।
-डा. वीएस पाल, अधीक्षक, मानसिक चिकित्सालय