
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक मेट्रो का कमर्शियल रन जून माह में नहीं हो सका है। कमिश्नर आफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) द्वारा इंदौर में कमर्शियल रन के लिए दी गई तीन माह की समय सीमा बुधवार को खत्म हो गई। ऐसे में अब मेट्रो प्रबंधन सीएमआरएस को पुन: सर्वे के लिए आवेदन करेगा। ऐसे में सीएमआरएस की टीम अगले एक माह में पुन: इस हिस्से का निरीक्षण करने आएगी।
सीएमआरएस द्वारा अब नए सिरे से एनओसी जारी की जाएगी। इसके बाद मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो सकेगा। गुरुवार को सीएमआरएस भोपाल में मेट्रो प्रोजेक्ट के सिग्नल का निरीक्षण करने आने वाले है। ऐसे में मेट्रो प्रबंधन के अफसर सीएमआरएस व उनकी टीम से इंदौर में पुन: सर्वे करने के संबंध में चर्चा भी करेंगे।ऐसे में यह संभावना है कि जुलाई माह में सीएमाअरएस की टीम का निरीक्षण होने के पश्चात माह के अंत तक या अगस्त माह के पहले पखवाड़े में सुपर कॉरिडाेर से रेडिसन तक कमर्शियल रन शुरू हो सकेगा।
एयरपोर्ट, बीएसएफ व नगर निगम के पास बन रहे भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण के दौरान जमीन के नीचे कठोर चट्टाने मिलने पर कंट्रोल ब्लास्टिंग तकनीक का उपयोग कर खोदाई की जा रही है। इन मेट्रो स्टेशनों पर काम करने वाले कर्मचारियों को सूचना देने के लिए 10 से 15 सेकेंड के अंतराल शुरुआत में तीन बार सायरन बजाए जाते है। इसके बाद ब्लास्टिंग किए जाने के बाद चौथा सायरन बजाकर यह सूचना दी जाती है कि ब्लास्टिक के निरीक्षण के बाद सब ठीक है।
छोटा गणपति भूमिगत मेट्रो स्टेशन का नेटम तकनीक से निर्माण किया जाना है। यहां पर 268 पिलर निर्माण के लिए जमीन में पाइलिंग की जाना है। अभी तक यहां पर 50 पाइलिंग हो चुकी है। इस क्षेत्र में रहवासी इलाका होने के कारण पाइलिंग के दौरान मशीनों की आवाज के कारण रहवासी परेशान हो रहे है। हालांकि मेट्रो प्रबंधन यह सुनिश्चित कर रहा है कि रात में समय इस क्षेत्र में पाइलिंग न की जाए।