
Indore MGM Medical College: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। एमजीएम मेडिकल कालेज के जूनियरों को गीता भवन क्षेत्र के फ्लैटों पर बुलाकर रैगिंग ली जाती थी। जूनियरों को एक-एक नहीं बल्कि ग्रुप में बुलाया जाता था। परेशान करने के लिए घंटों खड़े रखा जाता था। जूनियरों को एक-दूसरे को चांटे मारने के लिए मजबूर किया जाता था। इस दौरान सीनियर लगातार अश्लील शब्दों का इस्तेमाल करते रहते थे।
एमजीएम मेडिकल कालेज रैगिंग मामले में यह जानकारी पुलिस की जांच में सामने आई है। पुलिस ने अब तक इस मामले में चिन्हित सीनियर छात्रों को बयान के लिए तलब नहीं किया है।
बताया जा रहा है कि पुलिस पर्याप्त साक्ष्य एकत्रित करने के बाद ही दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। पुलिस ने कुछ जूनियर छात्रों से इस मामले में पूछताछ की जिन्होंने रैगिंग की पुष्टि की है। गुरुवार को पुलिस ने वाट्सअप के स्क्रीन शाट और वाइस रिकार्डिंग के आधार पर नौ छात्रों को चिन्हित किया था।
शुक्रवार को इसमें कुछ और नाम जुड़ गए हैं। गौरतलब है कि मेडिकल कालेज के एक छात्र ने राष्ट्रीय एंटी रैगिंग कमेटी दिल्ली को कालेज में सीनियरों द्वारा रैगिंग की शिकायत की थी। दिल्ली से यह शिकायत एमजीएम मेडिकल कालेज प्रबंधन तक पहुंची।
बाद में कालेज डीन डा.संजय दीक्षित के निर्देश पर संयोगितागंज पुलिस थाने पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। दिल्ली की गई शिकायत के साथ शिकायतकर्ता ने वाट्सअप स्क्रीन शाट और वाइस रिकार्डिंग भी भेजी थी। मेडिकल कालेज ने भी छात्रों के नाम और मोबाइल नंबर पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। पुलिस इन्हीं इलेक्ट्रानिक दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।