यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Indore News: चिंता की बात, गर्मी की आमद से पहले ही कम होने लगा तालाबों का जलस्तर
Indore News: नगर निगम शहर में फिलहाल 150 से ज्यादा टैंकर चलवा रहा है। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाने की बात भी की जा रही है।
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Sat, 24 Feb 2024 11:08:53 AM (IST)Updated Date: Sat, 24 Feb 2024 11:08:53 AM (IST)
चिंता की बात, गर्मी की आमद से पहले ही कम होने लगा तालाबों का जलस्तरHighLights
- गर्मी की आमद से पहले ही शहर के तालाबों का जलस्तर कम होने लगा है।
- विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल पर्याप्त पानी उपलब्ध है।
- चिंता इस बात की है कि धूप के तेवर अगर बहुत ज्यादा तीखे रहे तो तालाबों का कंठ तेजी से सूखने लगेगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर Indore News। गर्मी की आमद से पहले ही शहर के तालाबों का जलस्तर कम होने लगा है। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल पर्याप्त पानी उपलब्ध है। चिंता इस बात की है कि धूप के तेवर अगर बहुत ज्यादा तीखे रहे तो तालाबों का कंठ तेजी से सूखने लगेगा।
ऐसे में शहर में जलसंकट से इनकार नहीं किया जा सकता।
नगर निगम शहर में फिलहाल 150 से ज्यादा टैंकर चलवा रहा है। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाने की बात भी की जा रही है। पिछले वर्ष भी नगर निगम ने 300 से ज्यादा टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की थी। जुलाई के अंत तक शहर में टैंकर चले थे। इस वर्ष भी ऐसी ही आशंका है।
किराए के 70 टैंकर से जलापूर्ति
नगर निगम फिलहाल शहर में 157 टैंकरों के माध्यम से उन क्षेत्रों में जलापूर्ति कर रहा है जहां
नर्मदा लाइन नहीं है या जहां पर्याप्त जल सप्लाई नहीं हो रही। निगम के पास खुद के 87 टैंकर हैं। शेष 70 टैंकर किराए के हैं। नगर निगम हर वर्ष टैंकर पर किराए के रूप में लाखों रुपये खर्च करता है।
तालाबों का वर्तमान स्तर
तालाब क्षमता (फीट में) वर्तमान स्तर (फीट में)
यशवंत सागर 19 16.6
बड़ा बिलावली 34 29
छोटा बिलावली 12 5.5
बड़ा सिरपुर 16 12.3
छोटा सिरपुर 14 12.3
पिपलियापाला 22 14.9
लिंबोदी 16 9
वर्तमान में तालाबों का जलस्तर ठीक है, लेकिन इसमें कमी तो है। फिलहाल इंदौर में 157 टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाने पर विचार करेंगे।
-संजीव श्रीवास्तव, अधीक्षण यंत्री नर्मदा प्रोजेक्ट