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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Indore News: बिजली चोरी पर प्रशासन ने बरती सख्ती, अनियमितता के पंद्रह हजार प्रकरण बने, घोटाले में उज्जैन आगे

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जारी वित्तीय वर्ष के दौरान अप्रैल से दिसंबर की अवधि में पंद्रह हजार से ज्यादा बिजली चोरी, अनियमितता के प्रकरण बन...और पढ़ें

By Neeraj PandeyEdited By: Neeraj Pandey
Publish Date: Sat, 27 Jan 2024 11:47:35 AM (IST)Updated Date: Sat, 27 Jan 2024 11:57:40 AM (IST)
Indore News: बिजली चोरी पर प्रशासन ने बरती सख्ती, अनियमितता के पंद्रह हजार प्रकरण बने, घोटाले में उज्जैन आगे
घर में मीटर के पास छेड़छाड़ व अन्य तरीकों से की गई है चोरी

HighLights

  1. बिजली चोरी और अनियमितता के पंद्रह हजार प्रकरण बने

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जारी वित्तीय वर्ष के दौरान अप्रैल से दिसंबर की अवधि में पंद्रह हजार से ज्यादा बिजली चोरी, अनियमितता के प्रकरण बनाए हैं। ये प्रकरण सतर्कता संकाय और संचारण संधारण की टीमों द्वारा बनाए गए हैं।

इंदौर से ज्यादा प्रकरण उज्जैन संभाग मे बने हैं। हालांकि यह आंकड़ा कम ही माना जा रहा है। दरअसल बीते समय चुनावी दौर के कारण भी कार्रवाई की रफ्तार धीमी पड़ी थी।

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कंपनी के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने बताया कि इंदौर जिले में 3500 प्रकरण बने है। इसी तरह उज्जैन जिले में 2500, मंदसौर में 1960, रतलाम में 1530, धार में 770, खरगोन में 740, देवास में 735 प्रकरण बने हैं। इंदौर राजस्व संभाग में कुल 7200 और उज्जैन राजस्व संभाग क्षेत्र में 8000 से ज्यादा प्रकरण बने हैं।


मीटर से हो रही है छेड़छाड़

ये प्रकरण विद्युत घर परिसरों में मीटर के पास छेड़छाड़ व अन्य तरीकों से की गई चोरी, खुल तारों से सीधे तार डालकर चोरी के साथ ही व्यापारिक प्रतिष्ठानों में कम लोड मंजूर कराकर ज्यादा लोड पर व्यापार करने व अन्य प्रकार से की गई अनियमितता पाए जाने पर दर्ज हुए हैं। इन पर धारा126, 138 और धारा 135 के तहत कार्रवाई चलन में हैं।

विद्युत चोरी अनियमितता पाए जाने पर उपभोक्ता, आरोपी को दो वर्ष तक की खपत, अन्य चार्ज जोड़ने के आधार पर भुगतान करना होता हैं। श्री तोमर ने उपभोक्ताओं से नियमानुसार बिजली उपयोग करने, मीटर व लाइनों से छेड़छाड़ नहीं करने एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों से सही लोड मंजूर कराने के उपरांत कारोबार करने की अपील की हैं।