
इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। संयोगितागंज पुलिस ने चंदन के पेड़ की चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह साउथ सिनेमा की फिल्म पुष्पा के तरह चंदन के पेड़ काट कर ले जाता था। गिरोह के निशाने पर सरकारी परिसर, मंत्री-अफसरों के बंगले होते थे। चोरी का चंदन कन्नौज (उप्र) के इत्र कारोबारियों में सप्लाई होता था। पुलिस ने प्रापर्टी कारोबारी को भी पकड़ा है, जो सस्ते दामों पर चोरी का चंदन खरीदता है। चोरों को पकड़ने के लिए पुलिस ने करीब 400 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। चंदन नगर तक कड़ियां जोड़ी गईं।
जोन-3 के डीसीपी मनीष अग्रवाल के मुताबिक आरोपित शहजाद, फारुख, सादिक, आकिब, शहजाद, मांगीलाल, जसवंत और भोला बागरी हैं। दो आरोपित धर्मेंद्र और रामप्रकाश अभी फरार हैं। पुलिस ने चंदन की लकड़ी, आरी-कटर सहित अन्य औजार जब्त किए हैं। चोर गुजरात-महाराष्ट्र सहित कईं राज्यों में चोरी करने जाते हैं। डीसीपी के मुताबिक मांगीलाल, भोला और जसवंत निवासी रुपेटा (नागदा) चंदन के पेड़ काटते हैं। सादिक (सिरपुर) उन्हें आटो रिक्शा मुहैया करवाता है, जबकि शहजाद (आगर) चोर और प्रोपर्टी कारोबारी आकिब की मुलाकात करवाता है।
आकिब कन्नौज का रहने वाला है। उसके भाई का इत्र का कारोबार है। वह चोरों से 1500 से 1800 रुपए किलों के भाव में चंदन खरीद कर भाई के कारखाना में सप्लाई करवाता है। आकिब माणिकबाग में रह कर प्रोपर्टी खरीदने-बेचने का व्यवसाय करता है।
टीआइ तहजीब काजी के मुताबिक मांगीलाल, भोला, जसवंत, धर्मेंद्र और रामप्रकाश दिन में सरकारी बंगलों में रैकी कर चंदन नगर के पेड़ों को चिन्हित कर लेते थे। लकड़ी कच्ची तो नहीं यह परखने के लिए रात में कट लगा देते थे। बुरादे की खुशबू से समझ जाते थे कि पेड़ काटने लायक हो गया है। दूसरी रात में इलेक्ट्रॉनिक कटर या आरी से पेड़ का तना काट लेते थे। आरोपित पेड़ के ऊपर के हिस्से को दूसरे पेड़ से बांध देते थे, जिससे वह गिरें नहीं। चार से पांच फीट का बीच का हिस्सा काट कर छोटे-छोटे टुकड़ों में बैग में भर लेते थे। गिरोह महीनों से सक्रिय है, इन पर कई मामलों में तो केस दर्ज नहीं हुए। पिछले दिनों मंत्री तुलसीराम सिलावट के बंगले में चंदन के पेड़ की चोरी हुई तो पुलिस सक्रिय हुई।