
Indore News: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर का राजवाड़ा अब और भी खास नजर आएगा। यहां की दीवारें होलकर शासकों की गाथा सुनाएंगी और तस्वीरें बीते दौर की यादें ताजा कराएंगी। स्मार्ट सिटी द्वारा राजवाड़ा की सूरत तो पहले ही संवार दी गई थी, लेकिन अब यहां की खाली दीवार और कमरों की रौनक में भी इजाफा होने जा रहा है। इस बार सोमवार को भी राजवाड़ा में चहलकदमी नजर आएगी और यहां का अंदाज कुछ बदला-बदला सा नजर आएगा।
कला वीथिका में पुराने इंदौर के फोटो भी लगे हैं, इनमें शामिल लालबाग पैलेस का फोटो। - नईदुनिया
असल में सोमवार से राजवाड़ा में एक कला वीथिका शुरू होने जा रही है। पुरातत्व विभाग द्वारा यह कला वीथिका तैयार की गई है। इसमें होलकर शासकों के चित्रों के साथ उनकी जानकारियां और इंदौर की पुरानी तस्वीरें प्रदर्शित की जा रही हैं। स्मार्ट सिटी द्वारा करीब 23 करोड़ रुपये खर्च कर राजवाड़ा के संरक्षण का कार्य पूरा किया गया था। इसमें राजवाड़ा का वह भाग भी दुरुस्त किया गया जो वर्ष 1984 में हुए दंगे के दौरान आग की भेंट चढ़ गया था। राजवाड़ा के मुख्य प्रवेश द्वार के दाहिनी तरफ के भाग को स्मार्ट सिटी ने खूबसूरत तो बना दिया, लेकिन इसे और भी आकर्षक बनाने की कोशिश पुरातत्व विभाग ने की। इसके तहत यहां कला वीथिका शुरू करने का निर्णय लिया गया।
वर्ष 2023 में राजवाड़ा पुरातत्व विभाग को सौंपा गया और तब से ही यहां पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई योजनाओं पर विचार-विमर्श किया जा रहा था। हालांकि इस विचार को साकार करने में करीब एक वर्ष लग गया लेकिन अब वीथिका तैयार हो चुकी है। इस वीथिका का उद्घाटन सोमवार दोपहर 12 बजे होगा। सोमवार होने के बावजूद राजवाड़ा खुला रहेगा, ताकि इतिहास प्रेमी इसे देख सकें।
इस वीथिका में सूबेदार मल्हारराव होलकर से लेकर अंतिम महाराजा यशवंतराव होलकर दि्वतीय तक के चित्र और उनकी जानाकारियां लगाई गई हैं। इसमें अहिल्याबाई होलकर, मालेराव होलकर, तुकोजीराव प्रथम, काशीराव, शिवाजीराव, मार्तंडराव, हरिराव आदि शासकों के चित्र व उनकी जानकारियां चस्पा की गई हैं। इन जानकारियों को चस्पा करने के लिए विशेष रूप से डिस्प्ले बोर्ड तैयार कराए गए हैं। इससे दीवार को क्षति नहीं पहुंचेगी। इसके अलावा यहां 20 फोटो भी प्रदर्शित किए जाएंगे। ये फोटो इंदौर की पुरानी यादों को लिए होंगे। वर्ष 1902 से वर्ष 1920 तक के फोटो प्रदर्शित किए जाएंगे। इन फोटो के जरिए यहां की ऐतिहासिक इमारत, उत्सव के प्राचीन स्वरूप, प्रमुख जुलुस, दरबार के दृश्य, मिलों के फोटो, मालवा अखबार की तस्वीर, रेलवे लाइन की तस्वीर आदि शामिल होंगे। वीथिका तैयार करने में करीब 60 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।
पुरतत्व विभाग के उपसंचालक प्रकाश परांजपे बताते हैं कि इस कला वीथिका के लिए प्रकाश व्यवस्था भी बदली गई है। स्मार्ट सिटी द्वारा लगाई गई लाइट में पांच-पांच वाट के बल्ब थे, लेकिन अब जानकारियां चस्पा की गई हैं और फोटो भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं इसलिए अब 25 वाट की लाइट लगाई गई है। भविष्य में दर्शकों की सुविधा के अनुरूप आवश्यक हुआ तो प्रकाश व्यवस्था में और भी बदलाव किया जाएगा। फिलहाल यहां एक ही वीथिका तैयार की गई है लेकिन अप्रैल तक एक और वीथिका तैयार की जाएंगी। इसमें होलकर काल के बर्तन, टेलीफोन, परिधान, तोप, हथियार, सजावटी वस्तुएं आदि भी प्रदर्शित की जाएंगी।