
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मालवा मिल से पाटनीपुरा होते हुए रसोमा चौराहे तक रेंगते ट्राफिक से मुक्ति मिल सकती है। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) अब मालवा मिल से रसोमा चौराहे तक एलिवेटेड कारिडोर बनाने जा रहा है। जल्द ही इसका फिजिबिलिटी सर्वे और डीपीआर तैयार होगा, कंसलटेंट नियुक्त किए जाएंगे। आइडीए रसोमा और रोबोट चौराहे पर भी फ्लाईआेवर की संभावनाएं तलाशेगा।
बुधवार को हुई आइडीए संचालक मंडल की बैठक में एलिवेटेड कारिडोर, नगर वन, स्टार्टअप पार्क सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय हुआ। मालवा मिल से रसोमा चौराहे लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए तय किया गया कि यहां एलिवेटेड कारिडोर बनाए जाने के लिए फिजिबिलिटी सर्वे करवाया जाए।
मालवा मिल से पाटनीपुरा तक 30 मीटर चौड़ी सड़क है। बावजूद इसके जाम की स्थिति बनती है। दरअसल इस मार्ग पर दुकानदारों का अतिक्रमण है। पाटनीपुरा चौराहे पर तो हालत अत्यंत खराब हो जाते हैं। एक बार में इस चौराहे को क्रास करना लगभग नामुमकिन है। पाटनीपुरा से रसोमा चौराहे के बीच भी अतिक्रमण की वजह से जाम लगता रहता है।
संभागायुक्त एवं आइडीए अध्यक्ष दीपक सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह, लोकनिर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर सीएस खरत, आइडीए सीइओ आरपी अहिरवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
-पीपीपी मॉडल पर बनेगा स्टार्टअप पार्क
बैठक में सुपर कारिडोर स्थित योजना 151 में स्टार्टअप पार्क के संशोधित डिजाइन पर चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि स्टार्टअप पार्क का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) माडल पर किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे। स्कीम 172 में कंवेंशन सेंटर का प्रेजेंटेशन भी दिया गया।
-संचालन और रखरखाव के लिए लेंगे सुझाव
आइडीए ने कुमेडी आइएसबीटी और सीनियर सिटीजन काम्प्लेक्स का काम पूरा कर लिया है। इनके संचालन, रखरखाव और सुधार काम के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर नियुक्त कर सुझाव लिए जाएंगे। इन सुझावों पर संचालक मंडल की स्वीकृति के बाद संचालन का प्रस्ताव तैयार होगा।
-योजना 97 भाग चार में नगर वन विकसित करने के लिए कंसलटेंट नियुक्त करेंगे
-टीपीएस चार में सड़क निर्माण किया जाएगा, इसके लिए निविदा स्वीकृत की गई।
-सुपर कारिडोर पर दो हजार वर्गमीटर का भूखंड एग्रोमार्ट को आवंटित किया जाएगा
-अवंतिका गैस कंपनी को सुपर काॅरिडोर पर भूखंड उपलब्ध कराया जाएगा।
शहर में इसके पहले भी कई बार एलिवेट कारिडोर बनाए जाने की योजना बनी, लेकिन कभी मूर्तरूप नहीं ले सकी। सबसे पहले जवाहर मार्ग पर इसकी योजना बनी थी। दावा किया गया था कि इससे जवाहर मार्ग पर जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इसके बाद एलआइजी से नौलखा चौराहा के बीच करीब साढ़े चार किमी और कृषि कालेज चौराहे से बायपास तक चार किमी लंबे एलिवेटेड कारिडोर की योजना बनी, लेकिन इस पर भी काम शुरु नहीं हो सका। अब रेडिसन चौराहा से बापट चौराहे तक 2.7 किमी लंबे क्षेत्र में सर्वे किया जा रहा है।