
Indore News: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। केंद्र सरकार द्वारा वंचित आबादी को सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें लाभार्थियों को आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान डाला जाता है। इंदौर जिले में सभी मनरेगा श्रमिकों के बैंक खातों को आधार आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस) से जोड़ा गया है। शत प्रतिशत खातों को एबीपीएस प्रणाली से जोड़ने में इंदौर जिला प्रदेश में पहले पायदान पर है।

इंदौर जिले के 61287 मनरेगा श्रमिकों के बैंक खातों को आधार आधारित भुगतान प्रणाली से जोड़ा जा चुका है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकार सिद्धार्थ जैन ने बताया कि जिले में सभी श्रमिकों के खाते आधार आधारित भुगतान प्रणाली से जुड़ चुके है। जनपद पंचायत देपालपुर में 19717 श्रमिकों के खाते एबीपीएस से जोड़े जा चुके हैं। वहीं इंदौर जनपद पंचायत में 6376, जनपद पंचायत महू में 24591, सांवेर में 10603 श्रमिकों के खाते एबीपीएस से जोड़े गए है।
जैन ने बताया कि मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्र में मजदूरों को काम की आवश्यकता होने पर वर्ष में 100 दिवस रोजगार देने की योजना है। इसमें जिले के 45 हजार श्रमिकों को प्रतिवर्ष 15 लाख मानव दिवस रोजगार उपलब्ध कराया जाता है।