
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। 46 लाख रुपये की साइबर ठगी में गिरफ्तार ‘'फलाह दारैन साविरी मदरसा' के सह प्रबंधक असद अहमद ने चौकाने वाला खुलासा किया है। असद अहमद स्क्रीन शेयरिंग एप के माध्यम से ठग के खातों में रुपये ट्रांसफर करता था। पुलिस ने राजस्थान,पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के 18 खातों की जानकारी जुटा भी ली है।
65 वर्षीय वृद्धा छाया से 11 सितंबर को डिजिटल अरेस्ट कर 46 लाख रुपये ठगे थे। पुलिस ने इस मामले में सतौरा कन्नौज(उप्र) से 69 वर्षीय अली अहमद और उसके 36 वर्षीय बेटे असद अहमद को गिरफ्तार किया। अली अहमद को पुलिस ने जेल भिजवा दिया।

असद अहमद को मंगलवार तक रिमांड पर लिया है। उसने पूछताछ में बताया कि अगस्त माह में उसके पास इंटरनेट कॉल आया था। आरोपित ने 50 प्रतिशत कमीशन की दर पर खाता मांगा। आरोपितों ने 2 सितंबर को नौ खाते खुलवा लिए।
11 सितंबर को विभिन्न राज्यों से एक खाते में डेढ़ करोड़ रुपये जमा करवाए गए। असद अहमद ने स्क्रीन शेयरिंग एप के माध्यम से ठग को फोन का एक्सेस देकर 18 खातों में रुपये ट्रांसफर कर दिए।जांच में पता चला आरोपित शंघाई(चीन) के वीपीएन का इस्तेमाल कर रहे थे।
पुलिस ने जांच के लिए फोन फोरेंसिक लैब भिजवाया है। अपराध शाखा के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक आरोपितों की अन्य राज्यों की पुलिस द्वारा भी तलाश की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक असद अहमद ने फेसबुक पर फंड संबंधित विज्ञापन देख कर ठग से चर्चा की थी। उसने दिल्ली मिलने बुलाया और 50 प्रतिशत कमीशन की दर तय कर खाते लिए।
इसके बाद आरोपित से इंरनेट कॉलिंग पर ही बात हुई। पुलिस वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क(वीपीएन) के कारण पुलिस आगे की जांच में अटक गई है। पुलिस अब उन लोगों को ढूंढ रही है जिनके खातों में रुपये ट्रांसफर हुए है।