
इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि,Indore News। कोरोनाकाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमित आवंटन की हेराफेरी करने वाले भरत दवे के अवैध निर्माण पर नगर निगम का बुलडोजर चल गया। बुधवार को राशन माफिया भरत दवे के मोती तबेला स्थित कार्यालय को ध्वस्त कर दिया गया। भरत दवे द्वारा श्याम दवे, प्रमोद दहीगुड़े के साथ मिलकर 12 राशन दुकानों के मार्फत 42 हजार परिवारों के खाद्यान की हेराफेरी करना सामने आया है। इस मामले की जांच में करीब 79 लाख रुपये से अधिक का घोटाला सामने आया है। इस काम को अंजाम तक पहुंचाने में भरत दवे को प्रभारी खाद्य नियंत्रक आरसी मीणा का भी साथ मिला। मीणा को निलंबित कर दिया गया है।
जिला कलेक्टर मनीष सिंह ने मंगलवार को इस घोटाले को उजागर करते हुए राशन माफिया पर रासुका लगाने के अलावा उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने के संकेत दिए थे। सुबह करीब 10 बजे नगर निगम का रिमूवल दस्ता दलबल के साथ भरत दवे के मोती तबेला स्थित कार्यालय पहुंच गया और कुछ ही देर में कार्यालय को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान एक वकील ने अतिक्रमण हटाने का विरोध किया लेकिन नगर निगम के अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह ने वकील को खींचकर भगा दिया।
मंदिर की जमीन पर कब्जा
सूत्रों के अनुसार जिस स्थान पर भरत दवे ने अपना कार्यालय बनाया था। उस जगह पर श्री अंगद हनुमान मंदिर है। जो आदि गौड़ ब्राह्मण ट्रस्ट बताया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि अब अतिक्रमण से मुक्त जगह को फिर से आदि गौड़ ब्राह्मण ट्रस्ट को सौंपा जाएगा।