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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Indore News: अब पंजीयन विभाग में पुरानी मैन्युअल रजिस्ट्रियां भी दिखेंगी आनलाइन

Indore News: 2006 से 2015 तक के साढ़े पांच लाख दस्तावेज होंगे आनलाइन।

By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Thu, 15 Feb 2024 08:07:19 AM (IST)Updated Date: Thu, 15 Feb 2024 09:40:28 AM (IST)
Indore News: अब पंजीयन विभाग में पुरानी मैन्युअल रजिस्ट्रियां भी दिखेंगी आनलाइन
पंजीयन कार्यालय में पुराने मैनुअली दस्तावेजों को स्केन कर आनलाइन करते एजेंसी के कर्मचारी। -नईदुनिया

HighLights

  1. पंजीयन विभाग में जल्द ही साल 2015 से पहले की सभी रजिस्ट्रियां आनलाइन दिखाई देंगी।
  2. विभाग द्वारा सभी मैन्युअल रजिस्ट्रियों को आनलाइन करने का कार्य किया जा रहा है।
  3. इंदौर जिले की 28 हजार से अधिक मैन्युअल रजिस्ट्रियों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर Indore News। पंजीयन विभाग में जल्द ही साल 2015 से पहले की सभी रजिस्ट्रियां आनलाइन दिखाई देंगी। विभाग द्वारा सभी मैन्युअल रजिस्ट्रियों को आनलाइन करने का कार्य किया जा रहा है। अब तक इंदौर जिले की 28 हजार से अधिक मैन्युअल रजिस्ट्रियों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। जिले में साल 2006-07 से 2013-14 तक के साढ़े पांच लाख के करीब दस्तावेजों को आनलाइन किया जाएगा। इसके बाद प्रापर्टी के सर्च और चेन दस्तावेज नाममात्र के शुल्क पर आनलाइन ही तुरंत उपलब्ध हो सकेंगे।

आमजन को प्रापर्टी के सर्च और चेन दस्तावेज के लिए विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे। आवेदन के बाद भी दस्तावेज की कापी मिलने में एक सप्ताह से अधिक का समय लगता था। इन परेशानियों से बचाने के लिए पंजीयन विभाग द्वारा साल 2006 से 2015 के बीच के पांच लाख 47 हजार 828 मैन्युअल दस्तावेज को आनलाइन करने में जुटा है। 2013-14 में 78024 रजिस्ट्रियां हुई थीं। इनमें से 28565 रजिस्ट्रियों को आनलाइन किया जा चुका है। गौरतलब है कि 2015 से पंजीयन विभाग में सभी दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन पंजीयन शुरू हो गया था। इससे पहले के सभी मैन्युअल दस्तावेजों को अब आनलाइन किया जाना है।


naidunia_image

स्कैनर से साफ्टवेयर में चढ़ा रहे

पुरानी मैन्युअल रजिस्ट्रियों को आनलाइन करने का काम निजी एजेंसी को दिया गया है। एजेंसी के 10 से अधिक कर्मचारी दस्तावेजों को आनलाइन करने में जुटे हैं। हाईटेक स्कैनर की सहायता से दस्तावेजों के सभी पेज को साफ्टवेयर पर चढ़ाया जा रहा है। गड़बड़ी को रोकने के लिए पहले दस्तावेजों के पेजों की गणना की जाती है। स्कैन करने के बाद फिर दस्तावेज के पेज का मिलान किया जाता है।

सब रजिस्ट्रार रैंडमली कर रहे जांच

सब रजिस्ट्रार चंचल जैन का कहना है कि साफ्टवेयर पर आनलाइन हो चुके दस्तावेजों की जांच सब रजिस्ट्रार कर रहे हैं। प्रदेशभर के सब रजिस्ट्रारों को रैंडमली दस्तावेज रिपोर्ट भेजी जाती है। सात दिन के अंदर इनकी जांच कर अप्रूवल देना होता है। यदि किसी दस्तावेज में कोई परेशानी है तो फाइल वापस स्कैन के लिए भेज दी जाती है।

साल 2015 से पहले के मैन्युअली दस्तावेजों को आनलाइन करने का कार्य किया जा रहा है। कार्यालय में प्रतिदिन एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा दस्तावेजों को स्कैन कर आनलाइन किया जा रहा है। आनलाइन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुराने दस्तावेजों के लिए विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

-दीपक कुमार शर्मा, वरिष्ठ पंजीयक, इंदौर

इस वर्ष इतने दस्तावेज पंजीकृत

वर्ष दस्तावेज

2006-07 58510

2007-08 58368

2008-09 51412

2009-10 54376

2010-11 71501

2011-12 82413

2012-13 93224

2013-14 78024