यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Indore News: अब सरकारी रिकार्ड पर आएगा ब्रिटिश कालीन इंदौर का रेसीडेंसी क्षेत्र
Indore News: 15 फरवरी से शुरू होगा क्षेत्र में बनी संपति के दस्तावेजों का एकत्रीकरण।
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Tue, 13 Feb 2024 08:08:42 AM (IST)Updated Date: Tue, 13 Feb 2024 08:31:32 AM (IST)
रेसीडेंसी कोठी इंदौर। -नईदुनियाHighLights
- शहर का प्रमुख रेसीडेंसी क्षेत्र अब राजा बख्तावर सिंह क्षेत्र के नाम से पहचाना जा रहा है।
- भू-अभिलेख के रिकार्ड में रेसीडेंसी क्षेत्र में 1050 एकड़ की जमीन है।
- जिला प्रशासन द्वारा पहली बार इस क्षेत्र में मौजूद संपत्ति का सर्वे कर दस्तावेज मिलान किया जाएगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर Indore News। शहर का प्रमुख रेसीडेंसी क्षेत्र अब राजा बख्तावर सिंह क्षेत्र के नाम से पहचाना जा रहा है। ब्रिटिश काल में इसका विशेष महत्व था। यही वजह है कि इस क्षेत्र में आज भी कलेक्टर और सरकारी अफसरों के आवास बने हुए हैं। भू-अभिलेख के रिकार्ड में रेसीडेंसी क्षेत्र में 1050 एकड़ की जमीन है। जिला प्रशासन द्वारा पहली बार इस क्षेत्र में मौजूद संपत्ति का सर्वे कर दस्तावेज मिलान किया जाएगा। क्षेत्र की सभी सरकारी व निजी संपति सरकारी रिकार्ड पर दर्ज होगी।
भू-अभिलेख शाखा प्रभारी अनिल मेहता के मुताबिक
रेसीडेंसी क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से नक्शे तैयार किए जा चुके हैं। इनकी जांच भी हो गई है। अब 15 फरवरी से संपत्ति धारकों से दस्तावेज एकत्रीकरण कार्य शुरू होगा। इनकी जांच के बाद क्षेत्र की संपत्ति विधिवत रूप से खसरे में दर्ज होगी।
सर्वे में रेसीडेंसी कोठी के आसपास की निजी संपत्तियों के दस्तावेजों के एकत्रीकरण का कार्य प्रशासन की टीम करेगी। -नईदुनिया
इस क्षेत्र में ब्रिटिश काल से ही सर्वे नहीं हुआ था। जिला प्रशासन के पास यह क्षेत्र 1978-80 में आया था। वर्ष 2002 में
इंदौर में जमीन बंदोबस्त की प्रक्रिया शासन ने शुरू की थी, लेकिन शासन ने 2003 में इस प्रक्रिया को बंद कर दिया। इस वजह से उस समय यह क्षेत्र छूट गया था।
नामांतरण व बंटवारे की प्रक्रिया हो सकेगी आसान
मेहता के मुताबिक वर्ष 2002 में इस क्षेत्र में नामांतरण की शिकायतें मिलने पर तत्कालीन कलेक्टर मनोज श्रीवास्तव ने पूरे रेसीडेंसी क्षेत्र को नजूल घोषित कर दिया था। इस वजह से क्षेत्र में निजी संपत्ति की खरीदी-बिक्री के अलावा नामांतरण व बंटवारे की प्रक्रिया भी अटकी हुई थी। सर्वे के बाद इस तरह के मामलों में लोगों को राहत मिल सकेगी। क्षेत्र की जमीन के कुछ लीज संबंधित प्रकरण हाई कोर्ट में भी लंबित हैं।
रेसीडेंसी क्षेत्र में शामिल इलाके
रेसीडेंसी कोठी, रेसीडेंसी उद्यान, सरकारी बंगले, रेडियो कालोनी, रतलाम कोठी, एबी रोड स्थित रुक्मणी मोटर्स परिसर, सिटी बस कार्यालय परिसर, एमवाय अस्पताल क्षेत्र, चिड़ियाघर, मूसाखेड़ी और आजाद नगर का कुछ भाग।