यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Indore News: बेटे ने बढ़ाया हौसला, तो मां बनीं सुपर माडल, जीत लिया खिताब
इंदौर निवासी इंडियाज टैलेंट फाइट सुपर माडल सीजन 2 की विजेता रानी शर्मा ने कहा बेटे मयंक ने किया प्रोत्साहित।
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Wed, 10 Apr 2024 10:17:51 AM (IST)Updated Date: Wed, 10 Apr 2024 10:17:51 AM (IST)
रानी शर्मा ने जीता खिताब।HighLights
- रानी शर्मा ने हाल ही में उत्तराखंड के रुड़की में हुई इंडियाज टैलेंट सुपर माडल सीजन 2 में विजेता का खिताब अपने नाम किया है।
- आनलाइन आडिशन के बाद रुड़की में क्वार्टर फाइनल हुआ था, जिसमें 50 लोगों का चयन किया गया।
- रानी कई रैंप वाक में हिस्सा ले चुकी हैं और गत वर्ष दिल्ली में हुई मिस इंडिया प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रहीं।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मान्यता है कि एक मां अपने बच्चे को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करती है। अपना सुख-चैन छोड़कर वह हर तरीके से अपने बच्चे का भविष्य बेहतर करने में जुटी रहती है। परंतु शहर में 19 साल के मयंक ने इस मान्यता के विपरीत धारा में बहकर अपनी मां को प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। स्कीम नंबर 51 में रहने वाली रानी शर्मा ने हाल ही में उत्तराखंड के रुड़की में हुई इंडियाज टैलेंट सुपर माडल सीजन 2 में विजेता का खिताब अपने नाम किया है। इस जीत के बाद रानी ने नईदुनिया से विशेष बातचीत की।
42 वर्षीय रानी शर्मा ने बताया कि आनलाइन आडिशन के बाद रुड़की में क्वार्टर फाइनल हुआ था, जिसमें 50 लोगों का चयन किया गया। इनमें रानी का नाम भी था। वहीं फाइनल में रानी अपनी खूबसूरती का जलवा बिखेरते हुए विजेता बनीं। उन्होंने बताया कि इस जीत का पूरा श्रेय मेरे बेट मयंक और पति को जाता है। इन्होंने मुझे हमेशा सहयोग किया। मैंने संगीत में स्नातक किया है, परंतु मौका न मिलने के चलते कभी इसमें हाथ नहीं आजमा पाई।
इससे पहले भी रानी कई रैंप वाक में हिस्सा ले चुकी हैं और गत वर्ष दिल्ली में हुई
मिस इंडिया प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रहीं। इसके अलावा पूरी प्रतियोगिता में क्राउन ड्रेस में विजेता भी रहीं। रानी ने बताया कि रुड़की में क्वार्टर फाइनल में प्रस्तुति देने के बाद मुझे आगे बढ़ने की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी। किंतु जब मेरा नाम टाप 50 में आया तो भरोसा नहीं हुआ। इसके बाद मुझमें काफी आत्मविश्वास आ गया। फिर जब फाइनल में मैंने प्रस्तुति दी, तो वह सबसे बेहतर साबित हुई।
बेटे के इंवेंट से जागी अलख
एक बार बेटे के कालेज में
फैशन शो होना था। इसमें बेटा आडिशन देने गया। इस दौरान मैंने लोगों को वहां गतिविधियां करते देखा, तो मेरी भी माडलिंग में रुचि जागी। इसके लिए मैंने वहां मौजूद कोरियोग्राफर व इंडस्ट्री के अन्य लोगों से बातचीत की। उन्होंने मुझे बताया कि मैं कर सकती हूं। यह सुनकर मेरा आत्मविश्वास बढ़ा और इसके बाद से मैंने तैयारी करनी शुरू कर दी। बेटे ने मुझे प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जब सब कर सकते हैं तो आप भी कर सकती हो। तब मैंने इंटरनेट मीडिया पर रैंप वाक और मिस इंडिया के आयोजनों की वीडियो देखना शुरू किया। इससे मुझमें काफी आत्मविश्वास आया। बेटे को गायकी शौक है, तो कई शो में मैं और बेटा साथ प्रस्तुति देने गए। इससे स्टेज का डर दूर हुआ।
उम्र की नहीं की परवाह
40 वर्ष के बाद सामान्य तौर व्यक्ति अपने परिवार और बच्चों की ग्रोथ पर लग जाता है। स्वयं के लिए करना तो दूर, सोचना भी उसके वश के बाहर होता है। परंतु रानी ने इस धारणा से बाहर निकलते हुए 42 साल की उम्र में भी अपना हुनर पहचाना। बढ़ती उम्र के सवाल पर रानी ने कहा कि उम्र कभी किसी के लिए मायने नहीं रखती है। प्रत्येक महिला और पुरुष को अपनी रुचि के हिसाब से जब भी मौका मिले, तो अपने लिए कार्य करना चाहिए। वैसे तो शुरुआत दौर में ही अपना शौक प्राप्त करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करनी चाहिए। साथ ही परिजनों को भी सहयोग करना चाहिए। किंतु अगर किसी वजह से कम उम्र में अपने हुनर पर काम नहीं कर पाए हैं, तो जब भी अपने पैरों पर खड़ें हों, तब अपने लिए जरूरी कार्य करना चाहिए।