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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : इंदौर की 500 किमी लंबी सड़कों पर स्टार्म वाटर लाइन बिछाने के लिए वर्ष 2014 में योजना तैयार की गई थी। 10 वर्ष बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है। आज भी शहर की 127 किमी सड़कें ऐसी हैं जिन पर स्टार्म वाटर लाइन नहीं बिछाई जा सकी। कुछ इंच वर्षा होते ही इन सड़कों पर जलजमाव की समस्या सिर उठाने लगती है। शहर में स्टार्म वाटर लाइन बिछाने का काम जिस गति से चल रहा है उसे देखते हुए इस काम के आगामी पांच वर्ष में भी पूरा होने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही।
जिला प्रशासन भी मान रहा है कि शहर की 26 बस्तियां ऐसी हैं जो अल्पवर्षा में भी डूब जाती हैं। बावजूद इसके शहर को डूबने से बचाने के लिए योजना न प्रशासन के पास है न नगर निगम के पास। एक वर्ष पहले नगर निगम ने शहर में 87 ऐसे स्थान चिह्नित किए थे जहां जलजमाव की समस्या अत्यंत गंभीर है। इनमें से कुछ जगह काम भी हुआ, लेकिन आज भी 40 से ज्यादा स्थान ऐसे हैं जहां जलजमाव होना तय है।
शहर में स्टार्म वाटर लाइन बिछाने का काम कछुआ गति से चल रहा है। प्रति वर्ष औसतन आठ से दस किमी लाइन बिछाई जा रही है जबकि अधिकारी भी मान रहे हैं कि 127 किमी सड़कों पर लाइन बिछाना बाकी है। ऐसे में समझा जा सकता है कि यह काम कब तक पूरा होगा। सबसे ज्यादा समस्या पुराने शहर में है। नई सड़कों में तो वर्षा जल निकासी के लिए स्टार्म वाटर लाइन का प्रविधान किया गया है लेकिन पुरानी सड़कों की स्थिति कैसे सुधरेगी, इसके लिए कोई योजना नहीं है। नगर निगम खुद ही पुरानी सड़कों के किनारे स्टार्म वाटर लाइन बिछा रहा है लेकिन इसकी गति अत्यंत कम है।
हैरान करने वाली बात यह है कि नगर निगम स्टार्म वाटर लाइन के साथ चैंबर तो बनाता है लेकिन इन चैंबरों के रखरखाव की कोई योजना उसके पास नहीं है। शहर में ज्यादातर जगह स्टार्म वाटर लाइन चैंबर टूटे-फुटे पड़े हैं। कई जगह चैंबरों में गाद जमा है। चैंबरों के मुहाने पर जमा गाद की वजह से वर्षा का जल इनमें प्रवाहित नहीं हो पाता। इसका असर यह होता है कि एक-दो इंच वर्षा होते ही सड़क पर जलजमाव होने लगता है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही सभी सड़कों पर स्टार्म वाटर लाइन डालना अनिवार्य है, लेकिन बियाबानी सहित कई सड़कें हैं जहां निर्माण के वक्त स्टार्म वाटर लाइन डालना ही भूल गए। नतीजा यह हुआ कि हाल ही में इस क्षेत्र में सड़क खोदकर लाइन बिछाना पड़ी। डीआरपी लाइन सहित कई क्षेत्रों में ऐसी ही समस्या देखने को मिली।
जिन सड़कों पर स्टार्म वाटर लाइन नहीं है वहां नगर निगम सड़कें खोदकर लाइन तो बिछा रहा है, लेकिन ऐसे क्षेत्रों में सड़क खोदने के बाद रेस्टोरेशन का काम ही नहीं किया जा रहा। इसके चलते नागरिक परेशान हो रहे हैं। अब जब वर्षाकाल आने वाला है, ये खोदी हुई सड़कें लोगों की परेशानी का सबब बनेंगी।
स्टार्म वाटर लाइन बिछाने का काम जारी है। हम इसे जल्द से जल्द पूरा करना चाहते हैं। शहर में 87 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए थे जहां जलजमाव की समस्या गंभीर थी। इनमें से 47 को सुधारा जा चुका है। शेष भी जल्दी ही सुधार लेंगे। इसके बाद इन स्थानों पर जलजमाव की समस्या नहीं होगी। जिन सड़कों पर स्टार्म वाटर लाइन नहीं है वहां भी लाइन बिछाई जाएगी।
पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर