Indore News: महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, सिमरोल में शुरू हो रहा है स्टिचिंग क्लस्टर
Indore News: आजीविका मिशन द्वारा सिमरोल में शासकीय भवन की तलाश की जा रही है, जहां पर सिलाई सेंटर शुरू होगा। ...और पढ़ें
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Sat, 24 Feb 2024 02:49:04 PM (IST)Updated Date: Sat, 24 Feb 2024 02:49:04 PM (IST)
समूह की महिलाएं ठीकरी स्थित सिलाई सेंटर का मुआयना करते हुए। फोटो- नईदुनियासंजय रजक, इंदौर Indore News। जिले के आदिवासी अंचल में आजीविका मिशन और जल ग्रहण मिशन द्वारा स्टिचिंग क्लस्टर शुरू किया जा रहा है। इसमें तीन पंचायतों की 350 महिलाओं को शामिल कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसी माह के अंत में दो प्रोजेक्ट शुरू हो जाएंगे।
आजीविका मिशन द्वारा 32 गांव को मिलाकर दिशा संकुल क्लस्टर बनाया गया है। इसमें तीन पंचायतें कुलथाना, कालाकुंड और राजपुरा-कुमठ की 13 से 15 महिलाओं के 25 समूह को शामिल किया गया है। इन समूह की 350 महिलाओं ने मिलकर आत्मनिर्भर बनने के लिए दो प्रोजेक्ट अत्याधुनिक सिलाई सेंटर और सीमेंट मिक्सर मशीन तैयार की है।
क्लस्टर के लिए
जल ग्रहण मिशन द्वारा 36 लाख रुपये स्वीकृत किए गए, जिसमें 25 लाख रुपये से सिलाई सेंटर और 5.70 लाख रुपये से सीमेंट मिक्सर मशीन प्रोजेक्ट को पूरा किया जा रहा है। सिलाई सेंटर सिमरोल में खोला जाएगा, वहीं सीमेंट मिक्सर मशीन प्रोजेक्ट बेका गांव से संचालित किया जाएगा।
हाईटेक मशीनों से संचालित होगा सिलाई सेंटर
जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले ही 12 समूहों के प्रतिनिधि ठीकरी स्थित
सिलाई सेंटर देखने के लिए गए थे। यहां पर अत्याधुनिक कालर, कपड़े की कटिंग, कफ, इलास्टिक, बटन लगाने की मशीनें देखीं। इसके बाद इंदौर आकर महिलाओं ने मार्केट में सर्वे शुरू कर दिया है। एक-दो दिन में महिलाएं 30 मशीनों का आर्डर भी कर देंगी, वहीं आजीविका मिशन द्वारा सिमरोल में शासकीय भवन की तलाश की जा रही है, जहां पर सिलाई सेंटर शुरू होगा।
किराये पर देंगे सीमेंट मिक्सर मशीन
एक समूह द्वारा सीमेंट मिक्सर मशीन खरीदी जा रही है। यह समूह बेका गांव से प्रोजेक्ट को संचालित करेगा। यहां मशीन किराये से दी जाएगी। इसके साथ महिलाएं काम भी करेंगी ताकि आय दोगुनी हो सके। साथ ही सीएम ग्रामीण आवास योजना के कार्यों में इसका इस्तेमाल होगा। इसके अलावा महिलाओं को कृषक सेवा केंद्र में अनाज ग्रेडिंग के लिए ग्रेडर मशीन दी जाएगी। अभी इसके लिए किसानों को महू जाना पड़ता है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्टिचिंग क्लस्टर शुरू किया गया है। शुरुआत में तीन पंचायतों के महिला समूह को जोड़ा गया है। इन समूह ने दो प्रोजेक्ट तैयार किए हैं, जो इसी माह के अंत तक शुरू हो जाएंगे। इसके बाद अन्य क्लस्टर शुरू किए जाएंगे।
-सिद्धार्थ जैन, सीइओ, जिला पंचायत इंदौर