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इंदौर में संपत्ति खरीदी-बिक्री को लेकर शहरी क्षेत्र में सुस्ती तो बाहरी में दिखी तेजी

इंदौर में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में संपत्ति पंजीयन में 10.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Wed, 08 Jul 2026 07:35:25 AM (IST)Updated Date: Wed, 08 Jul 2026 07:46:00 AM (IST)
इंदौर में संपत्ति खरीदी-बिक्री को लेकर शहरी क्षेत्र में सुस्ती तो बाहरी में दिखी तेजी
शहरी क्षेत्र वाले इंदौर-1 में 5.44 प्रतिशत की गिरावट आई, लेकिन बाहरी क्षेत्र वाले इंदौर-2, 3 और 4 में क्रमशः 16.30, 11.24 और 21.41 प्रतिशत की तेजी दिखी। - प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. पंजीयन कार्यालय इंदौर-1 को छोड़कर तीन कार्यालय दस्तावेज पंजीयन में बढ़ोतरी
  2. अप्रैल से जून के बीच 39989 दस्तावेज पंजीकृत हुए, पिछले साल इसी अवधि में 36215 दस्तावेज थे
  3. राजस्व में भी 13.08 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 556.68 करोड़ रुपये जमा हुए हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में करीब डेढ़ दशक से संपत्ति की खरीदी बिक्री में प्रत्येक वर्ष तेजी देखी गई है। बीते वित्त वर्ष इसकी गति कुछ थमी थी, लेकिन इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में दस्तावेज पंजीयन की गति बढ़ी है। इसमें शहरी क्षेत्र में सुस्ती कायम है, लेकिन बाहरी क्षेत्र में खरीदी-बिक्री में तेजी जारी है।

पंजीयन कार्यालय इंदौर-1 में 5.44 प्रतिशत कम दस्तावेज पंजीकृत हुए, यहां पर अधिकांश दस्तावेज शहरी क्षेत्र के पंजीकृत होते हैं। इंदौर-2 में 16.30 प्रतिशत, इंदौर-3 में 11.24 प्रतिशत और इंदौर-4 में 21.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही।

10.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी

दरअसल, इंदौर में वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) 2026-27 में 39989 दस्तावेज पंजीकृत हुए हैं, जबकि बीते वित्त वर्ष 2025-26 में पहली तिमाही में 36215 दस्तावेज पंजीकृत हुए थे। यानी इस वित्त वर्ष में 10.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 3774 दस्तावेज अधिक पंजीकृत हुए।


वरिष्ठ पंजीयक अमरेश नायडू का कहना है कि इस वित्तीय वर्ष के शुरुआत से ही दस्तावेज पंजीयन में तेजी जारी है। पंजीयन कार्यालयों में बड़ी संख्या में दस्तावेज पंजीकृत हो रहे हैं। बीते वित्त वर्ष की पहली तिमाही की अपेक्षा इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पंजीयन कार्यालयों में दस्तावेज पंजीयन में 11 प्रतिशत से 21 प्रतिशत तक की तेजी दिख रही है।

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जून माह में 8 प्रतिशत बढ़ोतरी

दस्तावेज पंजीयन में जून माह में भी तेजी रही। बीते वित्तीय वर्ष की अपेक्षा इस वित्त वर्ष जून में 1082 यानी 8.01 प्रतिशत दस्तावेज अधिक पंजीकृत हुए। वित्त वर्ष 2025-26 के जून माह में 13502 दस्तावेज पंजीकृत हुए थे, जबकि 2026-27 में 14584 दस्तावेज पंजीकृत हो चुके हैं।

556.68 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया

पंजीयन कार्यालय में दस्तावेज पंजीयन में तेजी का असर आय पर भी दिखाई दे रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से जून के बीच 556.68 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि 2025-26 में 492.30 करोड़ रुपये जमा हुए थे। यानी इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 13.08 प्रतिशत आय में बढ़ोतरी देखी गई है।

यह भी जानें

  • 39989 दस्तावेज पहली तिमाही में पंजीकृत हुए
  • 556.68 करोड़ राजस्व किया गया अर्जित
  • 14584 दस्तावेज जून में हुए पंजीकृत
  • 228.23 करोड़ जून में प्राप्त हुआ राजस्व

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