नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर (Indore Road)। मास्टर प्लान की प्रमुख सड़क एमआर-11 का काम शुरू हो चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी ने नपती कर चिह्नांकन का काम शुरू कर दिया है। बायपास की तरफ से सड़क की चौड़ाई माप कर निशान लगाए जा रहे हैं। अतिक्रमण और अन्य बाधाओं को हटाने के लिए भी विभिन्न विभागों को पत्र जारी किए गए हैं।
मास्टर प्लान में शामिल एमआर-11 का निर्माण लंबे समय से अटका हुआ था। विगत दिनों इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के संचालक मंडल द्वारा इसके टेंडर को मंजूरी देने के बाद इसका काम शुरू कर दिया गया है।
बायपास से एबी रोड तक बनाई जाने वाली 4.75 किमी लंबी यह सड़क 60 फीट चौड़ी बनेगी। बायपास की तरफ से निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों ने 60 फीट चौड़ाई में निशान लगाने के साथ खोदाई कर सीमेंट के पोल लगाने का काम शुरू कर दिया है।
15 दिन के बाद खोदाई का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि एमआर-11 में कई बाधक निर्माण भी हैं, जिनको हटाया जाना है। एबी रोड पर सर्वाधिक बाधित निर्माण हैं। इसके लिए प्रशासन को पत्र भेजा गया है। जल्द ही नपती कराकर निर्माणों को हटाया जाएगा।
मास्टर प्लान की 23 सड़कें दिसंबर वर्ष 2026 तक तैयार हो जाएंगी। इन सड़कों की लंबाई करीब 34 किमी होगी। सड़कों के निर्माण के लिए 468.41 करोड़ रुपये की राशि शासन की योजना 'राज्यों को विशेष सहायता योजना' के अंतर्गत आवंटित हो चुकी है।
इन 23 सड़कों के निर्माण के लिए चार पैकेज में निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। 18 अगस्त को निविदाएं खुलेंगी और निर्माण एजेंसी तय हो जाएगी। गुरुवार को नगर निगम के लोक निर्माण एवं उद्यान समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ प्री-बीड बैठक की। इसमें कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा निविदा तथा कार्य में आने वाले परेशानियों के बारे में बिंदुवार चर्चा की गई।
राठौर ने बताया कि टेंडर में भाग लेने वाली कंपनियों ने साइट क्लीयरेंस की समस्या बताते हुए काम की समय सीमा ढाई वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष करने की मांग की गई, लेकिन हमने उन्हें बता दिया कि सिंहस्थ आने वाला है। काम दिसंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। कंपनियों ने प्लांट लगाने के लिए जगह की मांग की है। इसे उपलब्धता के आधार पर उपलब्ध कराएंगे।
लोक निर्माण प्रभारी राठौर ने बताया कि यह भी तय हुआ है कि निर्माण कंपनियों के बिल प्रस्तुत करने के सात दिन के भीतर उसका भुगतान सुनिश्चित कर दिया जाएगा।
एमआर-10 से दबाव कम होगा
मास्टर प्लान में चिह्नित एमआर-11 एबी रोड को सीधे बायपास से जोड़ेगी। इसका निर्माण पूरा होने के बाद वाहन एबी रोड से सीधे बायपास पर पहुंच जाएंगे। देवास नाका से एमआर-10 होकर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
एमआर-10 से भारी वाहनों का दबाव भी कम होगा। सभी भारी वाहन एमआर-11 पर परिवर्तित किए जा सकेंगे। देवास नाका पर आने वाले लोहा व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट के कमर्शियल वाहन आसानी से सीधे देवास नाका पहुंच सकेंगे।