
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : मनमाड़-इंदौर नई रेल लाइन परियोजना को लेकर मालवा-निमाड़ क्षेत्र के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है।
मध्य रेलवे ने वणिहार (सेंधवा) से ग्यासपुरखेड़ी (धामनोद) के बीच 75.5 किमी लंबे नए रेलखंड के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इस बड़ी उपलब्धि पर मनमाड़-इंदौर रेल संघर्ष समिति ने हर्ष जताया है।
जानकारी के अनुसार 2,548.37 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस 75.5 किमी लंबे रेलखंड में रेलवे लाइन के निर्माण के साथ-साथ सुरंगें, बड़े पुल, ट्रैक बिछाने, आधुनिक सिग्नलिंग और विद्युतीकरण जैसे सभी आवश्यक कार्य शामिल किए गए हैं।
टेंडर दस्तावेजों के अनुसार इस संपूर्ण निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए चार वर्ष की समयावधि निर्धारित की गई है। क्षेत्रीय रेल सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
मनमाड़-इंदौर रेल संघर्ष समिति के प्रमुख मनोज मराठे ने टेंडर प्रक्रिया की समय-सीमा की जानकारी देते हुए बताया कि यह निविदा 30 अक्टूबर 2026 को जारी की। इसके बाद पहली टेंडर बैठक 31 दिसंबर 2026 को आयोजित होगी, जबकि बोली जमा करने की अंतिम तिथि 18 मार्च 2027 तय की गई है। तकनीकी बोलियां 19 मार्च 2027 को खोली जाएंगी।
इंदौर : पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के तहत दाहोद-इंदौर नई रेल लाइन परियोजना के टीही-धार रेलखंड पर 25 केवी एसी विद्युतीकरण सहित सभी आवश्यक कार्य पूरे हो चुके हैं।
विद्युत इंजन से परिचालन शुरू करने की दिशा में बुधवार को पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर रजनीश कुमार गोयल द्वारा रेलखंड का निरीक्षण एवं विद्युत इंजन का ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान विद्युतीकरण कार्य को प्राधिकृत करने के संबंध में आवश्यक परीक्षण एवं प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसी संबंध में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को तैयारियों का निरीक्षण किया।
वहीं, पांच एवं छह नवंबर को रेल संरक्षा आयुक्त, पश्चिमी परिमंडल द्वारा रेलखंड का निरीक्षण एवं गति परीक्षण किया जाएगा।पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार टीही स्टेशन से धार स्टेशन तक नवनिर्मित सिंगल लाइन रेलखंड की कुल लंबाई 47.14 किमी है।
इस खंड में 2.957 किमी लंबी सुरंग भी शामिल है। रेलखंड पर 25 केवी एसी ओवरहेड विद्युत लाइन (ओएचई), सुरंग निर्माण, सिग्नलिंग एवं अन्य आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। वहीं, निर्माण विभाग द्वारा दो नवंबर को टीही-धार रेलखंड पर विद्युत इंजन का परिचालन करते हुए 130 किमी प्रति घंटे की गति से विद्युत इंजन चलाकर ट्रैक की क्षमता की जांच की जा चुकी है।
अब चार नवंबर को प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर के निरीक्षण एवं विद्युत इंजन के निरीक्षण के बाद पांच एवं छह नवंबर को रेल संरक्षा आयुक्त, पश्चिमी परिमंडल द्वारा रेलखंड का निरीक्षण एवं गति परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 120 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की गति पर रेल इंजन चलाकर परीक्षण किया जाएगा।