
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमवाय अस्पताल को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के नए मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी तैयारी का जायजा लेने के लिए स्वास्थ्य आयुक्त धनराजू एस ने शनिवार को अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की संख्या, विभिन्न वार्डों की व्यवस्था और भर्ती मरीजों की स्थिति की जानकारी ली।
साथ ही यह भी जाना कि अस्पताल में किस बीमारी के कितने मरीज उपचाररत हैं। स्वास्थ्य आयुक्त के दौरे का उध्देश्य आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत एमवाय अस्पताल को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली के लिए तैयार करना है। योजना के तहत मरीजों का पूरा मेडिकल रिकार्ड डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे मरीजों को अधिक संख्या में पेपर नहीं संभालना पड़ेंगे।
जानकारी अनुसार देश के चुनिंदा बड़े सरकारी अस्पतालों में इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है और एमवाय अस्पताल भी इनमें शामिल है। इस दौरान डीन डा. अरविंद घनघोरिया, अधीक्षक डा. अशोक यादव आदि मौजूद रहे।
सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा पुनर्निर्मित आरोग्य सेतु ऐप 2.0 लांच करेंगे। यह नया प्लेटफार्म नागरिकों को एक ही डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल रिकॉर्ड और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच उपलब्ध कराएगा। जानकारी अनुसार इंदौर में हुए स्वास्थ्य आयुक्त के दौरे में इस नई व्यवस्था की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य देश में एक मजबूत डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र तैयार करना है। इसके तहत प्रत्येक व्यक्ति का आभा (एबीएचए) हेल्थ आईडी बनाया जाएगा, जिससे मरीज का स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। देश के किसी भी पंजीकृत अस्पताल में आईडी बताने पर आसानी से रिकॉर्ड उपलब्ध हो सकेगा। इससे डाक्टरों को मरीज के पुराने इलाज की जानकारी तुरंत मिलेगी और दोबारा जांच भी नहीं करवाना पड़ेगी।
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