
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : इंदौर में यलो फीवर वैक्सीन सेंटर शुरू होने का इंतजार लंबा खिंचता जा रहा है। दो साल पहले एमवायएच को यलो फीवर वैक्सीन सेंटर के सभी मापदंडों पर खरा पाया गया था। इसके बावजूद कागजी प्रक्रिया में इतना वक्त गुजर गया और अब भी शहर के लोगों को वैक्सीनेशन सेंटर खुलने का इंतजार है।
अक्टूबर 2024 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के रीजनल डायरेक्टर ने एमजीएम कालेज और एमवाय का निरीक्षण किया था और एमवाय को सभी मापदंडों पर उपयुक्त पाया था, इसके बाद उनकी ओर से डिप्टी डायरेक्टर जनरल, सेंट्रल इंटरनेशनल हेल्थ डिवीजन को इसकी रिपोर्ट भेजी गई थी।
इस पत्राचार को गुजरे दो साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक यलो फीवर वैक्सीन सेंटर शुरू नहीं हो सका है। बीते दो सालों में कई स्तरों पर पत्राचार हुआ है, लेकिन शहर में वैक्सीनेशन सेंटर खुलने का इंतजार खत्म नहीं हुआ है।
इंदौैर और आसपास के जिलों के लोगों के लिए पूर्व में शासकीय हुकुमचंद अस्पताल में यलो फीवर वैक्सीनेशन की सुविधा थी, लेकिन यहां टीकाकरण बंद किए जाने के बाद अब सिर्फ भोपाल एम्स में ही वैक्सीनेशन किया जाता है। इंदौर में लगभग 20 सालों तक टीकाकरण का कार्य किया जाता था, लेकिन कोरोना की वजह से यहां का वैक्सीनेशन सेंटर बंद हो गया था, इसके बाद से लेकर अब तक यह सुविधा इंदौर को नहीं मिल सकी है।
यलो फीवर एक खास तरह का बुखार है जिसमें बीमार व्यक्ति को बुखार, सिरदर्द, नाक, कान, मुंह और पेट में रक्तस्राव हो सकता है। इसके साथ ही लिवर और किडनी से जुड़ी हुई समस्याएं भी होती हैं। दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के 40 से ज्यादा देशों की यात्रा से पहले यलो फीवर का टीका लगाना अनिवार्य है।
यलो फीवर वैक्सीनेशन सेंटर की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। तीन महीने पहले हमें जरूरी अनुमतियां मिली हैं। अगले एक महीने में एमवायएच में सेंटर शुरू होने की संभावना है। - डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज