
इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। स्टूडेंट ट्रैंकिंग के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग ने सत्र 2020-21 में यूजी-पीजी कर चुके विद्यार्थियों की जानकारी कालेजों से मांगी है। कालेज प्रबंधकों को इसके बारे में बताना है कि कितने छात्र-छात्राएं नौकरी कर रहे या फिर खुद का व्यवसाय। यह डाटा अगले कुछ दिनों में उच्च शिक्षा विभाग को भेजा जाना है। साथ ही वेबसाइट पर भी अपलोड करना है।
वैसे जिन छात्र-छात्राओं को नौकरी की आवश्यकता है, उन्हें रोजगार मेले में नौकरी का अवसर प्रदान करना है। स्टूडेंट ट्रैंकिंग सिस्टम के तहत तीन साल की जानकारी अपलोड की जाने है। बीए, बीकाम, बीएससी, एमए, एमएससी, एमकाम पास कर चुके विद्यार्थियों के बारे में कालेजों को आठ से दस बिंदुओं पर डाटा तैयार करना पड़ता है। इसमें नाम, पता, कोर्स, मोबाइल नंबर, नौकरी या व्यवसाय (कंपनी का नाम), पद, वेतन की जानकारी शामिल है। विभाग ने सत्र 2020-21 में पढ़ाई पूरी कर चुके विद्यार्थियों का डाटा अगले कुछ दिनों में भेजने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, 12 जनवरी को प्रत्येक जिले में रोजगार मेला लगाया जाना प्रस्तावित है, जिसमें इन विद्यार्थियों को भी नौकरियों के अवसर प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अग्रणी कालेजों को मेले को लेकर तैयारियां करनी है। उन्हें प्लेसमेंट के लिए कंपनियों से भी संपर्क करना होगा। वहीं उद्यमिता शिविर भी लगाने हैं, ताकि विद्यार्थी अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। अतिरिक्त संचालक डा. सुरेश सिलावट का कहना है कि रोजगार मेले के लिए कालेजों से समन्वय बनाया जा रहा है।