यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
International Women Day 2024: कृषि में महिलाओं को अब भी नहीं मिला अधिकार, किसान की बजाय माना जा रहा श्रमिक
International Women Day 2024: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, एफएसआइआइ ने किया महिला किसानों का सम्मान।
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Fri, 08 Mar 2024 08:17:48 AM (IST)Updated Date: Fri, 08 Mar 2024 12:29:26 PM (IST)
सम्मानित महिला किसान नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर International Women Day 2024। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व फेडरेशन आफ सीड इंडस्ट्री आफ इंडिया (एफएसआइआइ) और फोरम फार इंडियन जर्नलिस्ट्स आन एजुकेशन, एनवायर्नमेंट, हेल्थ एंड एग्रीकल्चर (फिजीहा) द्वारा आयोजित विशेष कार्यशाला ‘ट्रांसफार्मिंग एग्रीकल्चर: वीमेन, टेक्नोलाजी एंड सस्टेनेबल ग्रोथ’ में वक्ताओं ने महिलाओं किसानों को प्रौद्योगिकी से समृद्ध करने पर बात की। चर्चा में मालवा-निमाड़ क्षेत्र की महिला किसानों ने खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
विशेषज्ञों ने कहा कि इनपुट,
बाजार, प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण और ऋण तक सीमित पहुंच के साथ-साथ भूमि पर मालिकाना हक और कम आय जैसी चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, भारतीय कृषि में महिलाओं का उल्लेखनीय योगदान है। महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने वाली नीतियों की वकालत, प्रौद्योगिकी जैसे आवश्यक संसाधनों तक पहुंच में सुधार और महिलाओं के अमूल्य योगदान को स्वीकार करके ही एक अधिक समावेशी एवं स्थायी कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया जा सकता है।
कृषि में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, एफएसआइआइ की निदेशक और कोर्टेवा एग्रीसाइंस की सरकारी एवं उद्योग मामलों की निदेशक (एशिया प्रशांत) अनुजा कादियान ने कहा, “कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण भागीदारी के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं को किसान के रूप में पहचाने जाने की बजाय मुख्य रूप से मजदूर के रूप में देखा जाता है। कृषि क्षेत्र में कार्यरत पुरुषों की तुलना में महिलाओं की आमदनी में भी बड़ा अंतर है। दुर्भाग्य से जलवायु परिवर्तन की वजह से यह अंतर और बढ़ रहा है।”
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (एटीएमए)
इंदौर की परियोजना निदेशक शार्ली थामस ने कहा कि एटीएमए लगातार महिला किसानों को कृषि कार्य में नई प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि उनके लिए खेती आसान और लाभकारी बने। कार्यशाला के दौरान उन महिला किसानों को सम्मानित भी किया गया जो खेतीबाड़ी में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रही हैं। ये अपने आस-पड़ोस की महिलाओं को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं, ताकि उनकी आमदनी दोगुनी हो जाए।