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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

JEE Advanced Result 2024: जेईई एडवांस रिजल्ट में पहले नंबर पर आए इंदौर के वेद लाहोटी ने मोबाइल और फिल्मों से बना ली थी दूरी

वेद लाहोटी ने इंदौर में अपने स्वजन से दूर दो साल तक कोटा में रहकर तैयारी की। उन्होंने कहा कि ओलिंपियाड की तैयारी से भी मदद मिली और कोर्स मटेरियल भी पढ...और पढ़ें

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 09:05:34 AM (IST)Updated Date: Mon, 10 Jun 2024 09:10:44 AM (IST)
JEE Advanced Result 2024: जेईई एडवांस रिजल्ट में पहले नंबर पर आए इंदौर के वेद लाहोटी ने मोबाइल और फिल्मों से बना ली थी दूरी
नाना आरसी साेमानी, पिता योगेश लाहोटी, मां जया लाहोटी व अपने भाई के साथ जेईई एडवांस में देश में अव्वल रहे इंदौर के वेद लाहोटी।

HighLights

  1. वेद लाहोटी आईआईटी बांबे से कंप्यूटर इंजीनियरिंग का कोर्स करना चाहते हैं।
  2. इसके बाद उन्हें मास्टर्स की डिग्री लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर साफ्टवेयर इंजीनियर बनना है।
  3. हर दिन 10 से 12 घंटे करते थे पढ़ाई, बीच-बीच में माता-पिता से करते थे फोन पर बात।

JEE Advanced Result 2024: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देश में जेईई एडवांस में 360 में से 355 अंक लाकर अव्वल रहने वाले वेद लाहोटी ने इंदौर में अपने स्वजन से दूर दो साल तक कोटा में रहकर तैयारी की। वे जेइई की तैयारी करने वाले छात्रों को यह संदेश देना चाहते हैं कि छात्र अपनी मेहन पर भरोसा रखें, शिक्षकों से सलाह लें। अपनी गलतियों से सीखें और उन्हें सुधारें। यदि आपको लक्ष्य हासिल करना है तो उसके लिए कुछ मेहनत भी करनी होगी।

10 से 12 घंटे तक पढ़ाई, एनसीईआरटी की पुस्तकें भी पढ़ीं

वेद लाहोटी बोले- मुझे आईआईटी बांबे से कंप्यूटर इंजीनियरिंग का कोर्स करना है। उसके बाद इसी क्षेत्र में मास्टर्स की डिग्री लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर साफ्टवेयर इंजीनियर बनना है। मुझे उम्मीद थी कि अच्छे अंक आएंगे, लेकिन पहली रैंक हासिल होने की उम्मीद नहीं थी। मेरे शिक्षकों ने मुझे जो भी बताया, उसका पालन करते हुए तैयारी की। मैं तीनों विषयों पर ध्यान दिया। हर दिन 10 से 12 घंटे पढ़ता था। बीच में आधे-आधे घंटे का ब्रेक लेकर दोस्तों व माता-पिता से फोन पर बात भी करता था।


मुझे क्रिकेट व शतरंज खेलने का शौक है। जब कभी मौका मिलता था तो ये गेम भी खेलता था। वेद की जेईई मेन में 119 की रैंक हासिल हुई थी। वे बताते हैं कि दो साल में परीक्षा की तैयारी के दौरान मैंने पूरा कोर्स रिवाइज किया। एनसीईआरटी की केमिस्ट्री की किताब को तीन से चार बार पढ़ा।

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उन्होंने कहा कि ओलिंपियाड की तैयारी से भी मुझे मदद मिली और कोर्स मटेरियल भी पढ़ा। उसी का परिणाम था कि मेरी रैंक बेहतर बनी। टेस्ट में कम नंबर आते थे तो पैरेंट्स मनोबल बढ़ाते थे। दो साल से कोटा में तैयारी के लिए रह रहे वेद स्वजन के साथ इंदौर के स्वाद को भी काफी मिस करते थे। वे बताते हैं कि 26 मई को परीक्षा होने के बाद परिवार के साथ कोटा में ही घूमने गए।

पिछले दो साल में पढ़ाई के निर्धारित घंटे तय होने के कारण उन्होंने इंटरनेट मीडिया, फिल्म देखने से लेकर सभी चीजों से दूरी बनाई थी। कोटा में वे इंदौर के खानपान का मिस करते हैं। ऐसे में वो जल्द इंदौर आकर व्यंजनों का स्वाद लेंगे।