
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई भरत पटवारी से पूछताछ शुरू हो चुकी है। पायल साहनी की शिकायत पर राजेंद्र नगर पुलिस ने शुक्रवार को पांच घंटे तक सवाल दागे। भरत ने भी नाना की तरह ज्यादातर सवालों के गोलमाल जवाब दिए और बिजलपुर के सुमित पटेल का नाम बताया। पुलिस ने अब सुमित को तलब कर लिया है।
डीसीपी जोन-1 नरेंद्रसिंह रावत के अनुसार पलसिकर निवासी पायल ने नाना पटवारी पर भूखंड की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। शुभम वैली स्थित इस भूखंड के रुपये नाना ने नहीं दिए है। पुलिस ने कॉलोनाइजर सुमित मंत्री से इस संबंध में तीन बार पूछताछ की है।
नाना ने ही बड़े भाई भरत पटवारी का बयान में उल्लेख करते हुए कहा था कि-रियल एस्टेट संबंधित काम भरत ही करते है। डीसीपी के अनुसार भरत ने 2005 में पटवारी रियल एस्टेट एजेंसी बताई जो बाद में कृष्णायन डेवलपर्स बन गई थी।
एजेंसी ने एक जमीन की टीएनसी स्वीकृत करवाई और सुमित मंत्री से विकास करवाया। पुलिस ने भरत से शुभम वैली के भूखंड और अनुबंध के संबंध में पूछा तो उसने गांव में रहने वाले सुमित पटेल का नाम बताया। हालांकि सुमित भी अनुबंध के लिए अधिकृत नहीं है।
सूत्रों के अनुसार जमीन संबंधित गड़बड़ी सामने आने पर ईडी भी सक्रिय हो गई है। शुक्रवार को अफसरों ने टीआई यशवंत बड़ोले से इस संबंध में दस्तावेज मांगे है। हालांकि FIR दर्ज न होने के कारण जांच अधूरी ही है। उधर पुलिस ने आन लाइन सट्टा केस में आरोपित यश उर्फ दिनेश लल्ला और,मनीष पमनानी की तलाश तेज करती है। आरोपित मानव ने बाणगंगा क्षेत्र के हिमांशू दूबे का नाम भी सट्टा नेटवर्क में बताया है।