• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्यप्रदेश
  • इंदौर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मालवा-निमाड़ के 13 में से आठ जिलों में पिछले साल से कम वर्षा

इस साल मानसून मालवा-निमाड़ के अधिकांश इलाकों से रूठा हुआ है।

By Edited By:
Publish Date: Sun, 29 Jul 2018 12:30:12 PM (IST)Updated Date: Sun, 29 Jul 2018 03:02:02 PM (IST)
मालवा-निमाड़ के 13 में से आठ जिलों में पिछले साल से कम वर्षा

इंदौर, टीम नईदुनिया। इस साल मानसून मालवा-निमाड़ के अधिकांश इलाकों से रूठा हुआ है। जुलाई बीतने को है और पांच जिलों को छोड़कर बारिश कहीं भी पिछले साल के आंकड़े को पार नहीं कर पाई है। जबकि पिछले साल भी औसत से कम बारिश दर्ज की गई थी। उज्जैन संभाग में उज्जैन, नीमच, देवास और शाजापुर में पिछले साल से अधिक बारिश हुई।

जबकि इंदौर संभाग में सिर्फ बुरहानपुर में पिछले साल की तुलना में आंकड़ा पार हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यह अंतर 0.67 से लेकर 6 इंच तक है। सबसे ज्यादा अंतर छह इंच का झाबुआ में है। इंदौर में भी पिछले साल की तुलना में लगभग तीन इंच कम बारिश दर्ज की गई है।


कपास के पौधे सूखने लगे, इल्लियों का डर

झाबुआ में 15 दिन की लगातार खेंच से फसलों को लेकर चिंता बढ़ी है। एक हफ्ते और बारिश नहीं हुई तो दोबारा बोवनी करना पड़ेगी। खरगोन के किसानों का दावा है कि कपास के 10 फीसदी पौधे सूखने लगे हैं। बाकी जगह बादल के कारण फसलों में इल्लियां या कीड़े लगने का डर सताने लगा है।

naidunia_image

naidunia_image

मप्र में बारिश गुजरात और छत्तीसगढ़ की ओर से आने वाले सिस्टम की वजह से होती है, लेकिन इस बार अभी तक गुजरात की ओर से कोई सिस्टम मप्र में प्रवेश नहीं कर पाया। बावजूद इसके अभी चिंता की बात नहीं है। खेती के लिए जिस तरह की बारिश चाहिए, वो अधिकांश इलाकों में हो रही है। अगस्त के पहले सप्ताह में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने की उम्मीद है। सिर्फ आलीराजपुर में सामान्य से कम बारिश हुई है। - वेदप्रकाश सिंह, वैज्ञानिक व रडार इंचार्ज, मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल