
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का लोगो अब बिहार के एक छोटे से गांव की कला और प्रतिभा की पहचान भी बनेगा। सासाराम, बिहार के ग्रामीण क्षेत्र में साइबर सेंटर चलाने वाले सुधाकर कुमार ने इस सेवा के लिए ऐसा लोगो तैयार किया कि उसे प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने सुधाकर को प्रशस्ति पत्र के साथ पांच लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान किया।
सुधाकर सामान्य ग्रामीण परिवार से आते हैं और क्षेत्र में साइबर सेंटर का संचालन करते हैं। वे कलाकार भी हैं और लोगो डिजाइन करने में विशेष प्रशिक्षण नहीं होने के बावजूद उन्होंने इंटरनेट और गूगल के माध्यम से लोगो बनाने की जानकारी जुटाई।
इसके बाद उन्होंने कई डिजाइन तैयार किए और उनमें से एक लोगो मध्य प्रदेश सरकार की प्रतियोगिता के लिए भेजा। चयन समिति को सुधाकर का डिजाइन पसंद आया और उसे प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया। अब यही लोगो मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की बसों, प्रचार सामग्री और संबंधित दस्तावेजों पर नजर आएगा। यानी बिहार के एक गांव में तैयार की गई कल्पना मध्य प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन सेवा की पहचान बनेगी।
इसके साथ ही प्रतियोगिता में दिल्ली के चयन बोहरा को द्वितीय पुरस्कार के रूप में दो लाख रुपए और भोपाल की गौरांगी शर्मा को तृतीय पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपए दिए गए। गौरतलब है कि एमपीवायपीआइएल की राष्ट्रीय प्रतियोगिता लेट्स क्रिएट ए लोगो प्रतियोगिता में 135 प्रविष्टियां मिली थी।