
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत नगर निगम के लिए राहतभरी रही। 12 सितंबर को आयोजित इस लोक अदालत में नगर निगम को 97.57 करोड़ रुपये राजस्व के रूप में मिले।
इसमें से 92.71 करोड़ रुपये का राजस्व संपत्तिकर, जलकर और कचरा कर के रूप में आम नागरिकों ने जमा कराया, जबकि इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने 3.36 करोड़ और मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने करीब डेढ करोड़ रुपये टैक्स के रूप में जमा कराया। शनिवार देर रात तक नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी रसीदों की इंट्री में जुटे रहे, जिसके बाद रविवार को आंकड़े जारी हुए।
प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति नागरिकों में अपेक्षा से ज्यादा उत्साह नजर आया। सुबह से ही जोनल कार्यालयों सहित निगम मुख्यालय पर करदाताओं की कतारें नजर आने लगी थीं। राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन वर्षा के बावजूद नागरिकों का उत्साह कम नहीं हुआ।
राष्ट्रीय लोक अदालत में नगर निगम को संपत्तिकर के रूप में लगभग 89 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इसके अलावा जलकर के रूप में लगभग 8 करोड़ रुपये और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शुल्क के रूप में 55 लाख रुपये प्राप्त हुए। नागरिकों की सुविधा को देखते हुए निगम के सभी राजस्व कार्यालय देर रात तक खुले रहे।
इस बार ई-नगर पालिका पोर्टल ने राष्ट्रीय लोक अदालत में सफलतापूर्वक काम किया। पोर्टल के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया पूरे दिन सुचारू और निर्बाध रूप से प्राप्त हुई। जोनल कार्यालयों सहित किसी भी जगह से पोर्टल को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन 24660 रसीदें बनीं।
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