
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद शहर के बदहाल यातायात में कोई सुधार नहीं हो रहा है। 14 अक्टूबर 2019 को कोर्ट ने आदेश दिया था कि शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल 24 घंटे चालू रखे जाएं, बावजूद इसके हालत यह है कि बुधवार को नवलखा चौराहा पर सिग्नल बंद होने की वजह से घंटों जाम लगा रहा। यह स्थिति ठीक नहीं है।
हम कलेक्टर, निगमायुक्त और डीसीपी ट्राफिक को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कह रहे हैं। वे आएं और बताएं कि हालात सुधारने के लिए क्या कर रहे हैं। मामले में अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी। हाई कोर्ट ने यह तल्ख टिप्पणी शहर के बदहाल यातायात को लेकर चल रही पांच जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान की।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागड़िया ने कोर्ट को बताया कि शहर के कई ट्रैफिक सिग्नल बंद रहते हैं। प्रमुख चौराहों पर या तो पुलिसकर्मी तैनात नहीं होते या यातायात नियंत्रित करने के बजाय साइड में खड़े होते हैं।
यह मामला केवल प्रशासनिक सुविधा का नहीं, बल्कि आम नागरिकों के सुरक्षित आवागमन, समय की रक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और शहरी उत्तरदायित्व से जुड़ा हुआ है। इस पर कोर्ट ने कहा कि हम पूर्व में दिए आदेश की भावना और निर्देशों को एक बार फिर दोहरा रहे हैं। अधिकारी इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
हाई कोर्ट द्वारा गठित समिति के सदस्य एडवोकेट नितिनसिंह भाटी ने कोर्ट को बताया कि समिति ने बीआरटीएस हटाने के काम का निरीक्षण किया था। काम संतोषजनक है। इस पर कोर्ट ने कहा कि समिति और नगर निगम अगली सुनवाई पर इस बारे में स्टेटस रिपोर्ट पेश करें।