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इंदौर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला... सुनवाई के बिना 'वायरल गर्ल' की जन्मतिथि में बदलाव गलत, निरस्त हुआ आदेश

प्रयागराज महाकुंभ से सुर्खियों में आई मध्य प्रदेश के महेश्वर की युवती (वायरल गर्ल) के जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट इ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 08:39:57 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 08:39:57 PM (IST)
इंदौर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला... सुनवाई के बिना 'वायरल गर्ल' की जन्मतिथि में बदलाव गलत, निरस्त हुआ आदेश
इंदौर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

HighLights

  1. इंदौर हाई कोर्ट ने जन्मतिथि सुधार का आदेश निरस्त किया
  2. बिना सुनवाई जन्मतिथि में बदलाव को प्राकृतिक न्याय के खिलाफ माना
  3. नगर परिषद CMO को नियम अनुसार दोबारा सुनवाई का निर्देश

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रयागराज महाकुंभ से सुर्खियों में आई मध्य प्रदेश के महेश्वर की युवती (वायरल गर्ल) के जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट इंदौर खंडपीठ ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने युवती के माता-पिता के आवदेन पर महेश्वर नगर परिषद द्वारा जारी जन्मतिथि में सुधार संबंधी आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि जन्मतिथि में बदलाव से युवती के हित प्रभावित होंगे।

कोर्ट ने पाया कि युवती को सुनवाई का अवसर दिए बिना उसके जन्म रिकार्ड में बदलाव किया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत है। कोर्ट ने नगर परिषद के सीएमओ को निर्देशित किया है कि युवती को सुनवाई का अवसर देकर कानून के प्रविधानों के अनुसार आगे का निर्णय लें।


विवाह के बाद परिजनों ने जन्मतिथि में बदलाव का दिया था आवेदन

दरअसल, युवती के माता-पिता ने 30 मई 2025 को नगर परिषद कार्यालय में आवेदन देकर उसकी जन्मतिथि एक जनवरी 2008 बताते हुए जन्म प्रमाण-पत्र जारी करने की मांग की थी। पांच जून 2025 को युवती की जन्मतिथि एक जनवरी 2008 दर्ज करते हुए परिषद ने जन्म प्रमाण-पत्र जारी कर दिया, जिसके हिसाब से युवती एक जनवरी 2026 को वयस्क हो गई और उसने 11 मार्च 2026 को अपनी पसंद से विवाह कर लिया। इसके बाद पिता ने उसकी जन्मतिथि में सुधार के लिए आवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें कहा गया कि अस्पताल के रिकार्ड में जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज है।

हाई कोर्ट में चुनौती और अन्य विवादित पहलू

परिषद ने इस आधार पर जन्म प्रमाण-पत्र में बदलाव करते हुए जन्मतिथि को 30 दिसंबर 2009 कर दिया। इस बदलाव को युवती और उसके पति ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया कि वर्ष 2015 में जारी आधार कार्ड और पैन कार्ड में जन्मतिथि एक जनवरी 2008 ही दर्ज है।

बता दें कि केरल में मुस्लिम युवक से शादी के बाद युवती ने प्रेस कान्फ्रेंस कर फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। वहीं सनोज मिश्रा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश और लव जिहाद का मामला बताया था। युवती के स्वजन ने भी उनका समर्थन किया था।

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