
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। लवकुश चौराहे पर ट्रैफिक की रफ्तार बढ़ाने और जाम से राहत दिलाने वाला डबल लेयर फ्लाईओवर 28 अक्टूबर से शहर को नई सुविधा देने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव इसका लोकार्पण करेंगे। इसके बाद फ्लाईओवर की दोनों भुजाओं से यातायात शुरू हो जाएगा। अभी एक भुजा से ट्रायल के तौर पर वाहन गुजर रहे हैं। दोनों भुजाएं शुरू होने से प्रतिदिन करीब दो लाख वाहनों की आवाजाही आसान होगी। फ्लाईओवर की 23 मीटर ऊंचाई पर चौराहे के बीच लगी 65 मीटर लंबी बो-स्ट्रिंग पर फसाड लाइटिंग भी लगाई गई है, जो रात में अलग-अलग रंगों में चमकेगी।
करीब 175 करोड़ रुपये की लागत से बने इस फ्लाईओवर की एक भुजा जुलाई में यातायात के लिए खोली गई थी। इसके बाद दूसरी भुजा पर डेक स्लैब, लाइटिंग और फिनिशिंग का काम पूरा किया गया। अब दोनों भुजाओं से यातायात शुरू होने के साथ ही उज्जैन रोड और मरीमाता की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को चौराहे पर बेहतर आवाजाही का विकल्प मिलेगा। इसके शुरू होने के बाद मरीमाता से उज्जैन रोड जाने वाली सर्विस रोड का निर्माण शुरू होगा। यह सर्विस रोड करीब दो माह में बनकर तैयार हो जाएगी। उज्जैन रोड से मरीमाता की तरफ जाने वाली सर्विस रोड तैयार हो चुकी है।
फ्लाईओवर के निर्माण में 24 स्पान पर सीमेंट के सेगमेंट, स्टील गर्डर और बो-स्ट्रिंग का उपयोग किया गया है। इस पर करीब 30 हजार टन वजन के 247 सीमेंट के सेगमेंट लगाए गए हैं। प्रत्येक सेगमेंट की चौड़ाई 27 मीटर और वजन करीब 120 टन है। एक स्पान में 13 सीमेंट के सेगमेंट लगाए गए हैं, जिनका वजन 1560 टन है।
निर्माण के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने पियर पर सीमेंट सेगमेंट रखने का काम रात में कराया। एक माह में दो स्पान पर सेगमेंट रखने की प्रक्रिया अपनाई गई। सेगमेंट तैयार करने का काम सुपर कारिडोर पर किया गया, जबकि उन्हें चौराहे तक लाकर स्थापित करने में करीब एक वर्ष लगा।
डबल लेयर फ्लाईओवर शुरू होने के बाद लवकुश चौराहा शहर के प्रमुख यातायात जंक्शनों में शामिल होगा। यहां चारों प्रमुख मार्गों पर फ्लाईओवर की भुजाएं उतरती हैं। इसके नीचे एमआर-10 से सुपर कारिडोर की ओर जाने वाला फ्लाईओवर भी बनाया गया है, जिसके बीच से मेट्रो का ट्रैक गुजर रहा है। उज्जैन रोड से सिंहस्थ के दौरान आने-जाने वाले वाहनों के दबाव को देखते हुए यह फ्लाईओवर महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे चौराहे पर लगने वाला यातायात दबाव कम होगा।