
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जिला प्रशासन ने शुक्रवार शाम को पांच सितारा सयाजी होटल का किचन सील कर दिया था। प्रशासन की कार्रवाई 24 घंटे भी नहीं टिक सकी। शनिवार को प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ लगी होटल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करने के बाद होटल को अंतरिम राहत दे दी। किचन को खोलने का आदेश जारी कर दिया। अब सात सितंबर को इस मामले में अगली सुनवाई होगी।
सयाजी होटल पर शुक्रवार को खाद्य विभाग ने कार्रवाई की थी। खाद्य विभाग के निरीक्षण में होटल के किचन में चूहों का मल, कॉकरोच मिलने, फंगस लगी मूंगफली और एक ही फ्रीज में वेज और नॉनवेज रखे जाने को कार्रवाई का आधार बनाया।
विभाग ने होटल का किचन सील कर दिया था। साथ ही होटल को जारी लाइसेंस भी निरस्त करने की चेतावनी। किचन बंद होने के खिलाफ होटल की ओर से अभिभाषक अरुण द्विवेदी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अर्जेंट सुनवाई करने का अनुरोध किया गया था।
शनिवार को छुट्टी के दिन कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की। अधिवक्ता सुमित नेमा ने पक्ष रखते हुए बताया कि होटल पर की गई कार्रवाई के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया। न तो होटल को कोई नोटिस जारी किया गया, न ही उन्हें अपना पक्ष रखने का कोई मौका दिया गया। यही नहीं होटल में यदि कोई कमी थी तो उसमें सुधार के लिए अवसर देने का जो नियम कानून में है उसका भी पालन नहीं किया गया। प्रशासन ने सीधे कार्रवाई करते हुए होटल का किचन सील कर दिया जबकि किचन सील किए जाने जैसी कोई स्थिति नहीं थी।
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किचन सील होने से यहां ठहरे अतिथियों को हो रही असुविधा की बात भी कही। वहीं, सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने इस मामले में नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की जाने की बात कोर्ट के समक्ष रखी। हालांकि कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई), राज्य सरकार, कलेक्टर सहित खाद्य अधिकारी व अन्य को नोटिस जारी किया है। सभी को दो सप्ताह में जवाब पेश करने के लिए कहा है। कोर्ट ने इस दौरान अंतरिम राहत देते हुए होटल का किचन खोलने के आदेश जारी किए हैं।