इंदौर/मंदसौर। मंदसौर निवासी आठ साल की बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने दिल्ली के निर्भया कांड की यादें ताजा कर दी। दुष्कर्मी ने वहशीपन की तमाम हदें पार करते हुए न सिर्फ बच्ची के साथ दुष्कर्म किया बल्कि उसके गुप्तांग को नुकसान पहुंचाने के लिए उसमें रॉड या लकड़ी जैसी कोई वस्तु भी डाली। इससे उसकी आंतें बाहर निकल आई। एमवाय अस्पताल के डॉक्टरों ने दो घंटे में तीन सर्जरी कर बच्ची की जान बचाई।

तीसरी में पढ़ने वाली इस बच्ची के साथ बुधवार को घटना हुई। इसी दिन उसे मंदसौर से एमवाय अस्पताल लाया गया था। यहां उसे पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के वार्ड नंबर 15 में रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत स्थिर है। दहशत के कारण वह बात नहीं कर पा रही है। सूत्रों के मुताबिक बच्ची का गुप्तांग पूरी तरह फटा हुआ था। शंका है कि दुष्कर्मी ने रॉड, लकड़ी या ऐसी ही कोई कठोर वस्तु गुप्तांग में डाली होगी, जिससे उसकी आंतें बाहर निकल आईं। घटना में पिरनियल टीयर कंप्लीट डेमेज हो गया।

दुष्कर्मी ने उसका गला रेतने की कोशिश भी की थी। डॉक्टरों ने उसकी कोलोस्टॉमी की है। बच्ची के इलाज के लिए एमवायएच में पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग और स्त्रीरोग विभाग की टीम बनाई गई, जिसने दो घंटे तक तीन सर्जरी की। पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. बृजेश लाहोटी ने बताया कि बच्ची की हालत में सुधार हो रहा है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. वीएस पाल के मुताबिक बच्ची के इलाज का बेहतर इंतजाम किया गया है। डॉक्टरों की टीम उसकी हालत पर लगातार नजर रख रही है। गुरुवार को उसे थोड़ा पानी भी दिया गया।

वार्ड में झांकने तक की अनुमति नहीं

सुरक्षा के मद्देनजर पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के वार्ड नंबर 15 की व्यवस्था पूरी तरह बदल दी गई है। गुरुवार को एंट्री गेट पर दो सुरक्षाकर्मी और सामने की ओर पांच महिला सिपाही तैनात किए गए। किसी को वार्ड में झांकने तक की इजाजत नहीं है। अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों को भी यहां चौबीस घंटे के लिए तैनात किया गया है। वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों के सिर्फ एक परिजन को भीतर रुकने दिया जा रहा है। उन्हें मोबाइल ले जाने की अनुमति भी नहीं है। हर संदिग्ध से पूछताछ की जा रही है। ड्यूटी भी सीनियर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की लगाई गई है।

मासूम से हैवानियत को लेकर हर वर्ग में आक्रोश

मंदसौर। 8 साल की बच्ची से हैवानियत को लेकर हर वर्ग में आक्रोश है। आसपास के जिलों में भी गुस्सा है। गुरुवार सुबह से शहर में सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे। बसें भी कम चलीं और स्कूल बंद रहे।

दुष्कर्म के आरोपित इरफान उर्फ भय्यू खां मेव पिता जहीर खां निवासी मदारपुरा की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही बुधवार रात 11.30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम पर सैकड़ों लोग जमा हो गए थे। उन्होंने मांग की थी कि आरोपित को उनके हवाले करो, उसे सजा वे देंगे। अधिकारियों ने उन्हें समझाकर रवाना किया तो नाराज युवाओं ने बस स्टैंड पर खड़ी दो बसों के कांच फोड़ दिए। फूड जोन में एक होटल में भी तोड़-फोड़ की कोशिश की। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर युवाओं को खदेड़ा।

सुबह 9 बजे से गांधी चौराहे पर लोग जमा होना शुरू हो गए। 10 बजे यहां से सभी दोपहिया वाहनों पर सवार हो नारेबाजी करते हुए निकले। 'बलात्कारी को फांसी दो" की तख्तियां लिए रैली में शामिल किन्नर गुरु अनिता दीदी सहित सामाजिक और राजनीतिक संगठनों जुड़े लोग पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे।

एसपी मनोज कुमार सिंह ने ज्ञापन लेकर आश्वस्त किया कि 20 दिन में कोर्ट में चालान पेश करेंगे। पूरी कोशिश करेंगे कि आरोपित को फांसी की सजा मिले। ज्ञापन देने के बाद भी लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ और वे वहीं बैठ गए। इससे लगभग तीन घंटे तक राजमार्ग पर जाम लगा रहा। महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर कुछ युवाओं ने उत्पात की कोशिश की तो पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ा।

लोगों का गुस्सा देखते हुए पुलिस ने आरोपित इरफान को कोर्ट में पेश नहीं किया। शाम को न्यायाधीश शबनम मंसूरी पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचीं। वहां पुलिस ने आरोपित को उनके समक्ष पेश कर रिमांड मांगा। न्यायाधीश ने 2 जुलाई तक की रिमांड पर पुलिस को सौंपा। अंजुमन सदर व शहर काजी ने कहा कि आरोपित को फांसी के बाद शहर के कब्रिस्तान में जगह नहीं दी जाएगी। वकीलों ने आरोपित की पैरवी नहीं करने की शपथ ली।

संदिग्धों से भी पूछताछ

मामले की विवेचना चल रही है। वारदात में और भी आरोपित होंगे तो पकड़ेंगे। कुछ और संदिग्धों से पूछताछ कर रहे हैं। 2 जुलाई तक की रिमांड मिली है। बसों और होटल में तोड़फोड़ करने के मामले में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। उनकी भी पहचान कर रहे हैं। बच्ची की हालत स्थिर है - मनोज कुमार सिंह, एसपी, मंदसौर

रतलाम में प्रार्थना, नीमच में बंद का आह्वान

मंदसौर में हुई वारदात से पड़ोसी जिलों रतलाम और नीमच में भी लोग आक्रोशित हैं। रतलाम में माली समाज, भाजपा महिला मोर्चा सहित अन्य संगठनों ने आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और ज्ञापन सौंपा। शाम को दो बत्ती चौराहे पर पीड़ित बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना को लेकर सामूहिक प्रार्थना की गई। उधर, नीमच में युवाओं ने मार्च निकाला। एसपी कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप आरोपित को चौराहे पर फांसी देने की मांग की। शाम को सर्वसमाज की बैठक में 29 जून को नीमच बंद रखने का निर्णय लिया गया।

दंगों के कारण छोड़ा था रिंगनोद

ढोढर/जावरा/रतलाम। दुष्कर्म का आरोपित इरफान उर्फ भय्यू मूलत: रतलाम जिले के ग्राम रिंगनोद का रहने वाला है। सूत्रों के अनुसार उसका परिवार 1984 तक रिंगनोद में रहा। वर्ष 1984 में रिंगनोद में सांप्रदायिक विवाद हुआ था, जिसमें इरफान का पिता जहीर भी आरोपित था। घटना के कुछ समय बाद जहीर परिवार के साथ मंदसौर चला गया था। इरफान हम्माली करता है और 10 दिन पहले वह किसी काम से रिंगनोद आया था। वह किसलिए आया था, यह पता नहीं चल पाया। उधर, रिंगनोद में भी लोगों ने इरफान का पुतला जलाया।

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