*30 हजार से ज्यादा कर्मचारी स्टार्टअप और आइटी कंपनियों में कर रहे हैं काम
गजेंद्र विश्वकर्मा, इंदौर। शहर की आइटी कंपनियों और स्टार्टअप की मांग के बाद अब जल्द ही शहर के कुछ विशेष क्षेत्रों में 24 घंटे बाजार खुले रखने की कवायद की जा रही है। इसके लिए श्रम मंत्रालय ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। कुछ ही दिनों में आइटी कंपनियों के साथ प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठक में प्रमुख स्थानों को चिहिन्त किया जाएगा। इसमें विजय नगर, नौलखा चौराहा, 56 दुकान और इलेक्ट्रानिक्स कांप्लेक्स क्षेत्रों को खोलने पर एक राय बन सकती है। शुरुआत विजय नगर क्षेत्र से की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार यहां रेस्टोरेंट संचालकों के लिए रात में सेवा देने के लिए कुछ नए नियम होंगे, जिनका पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। कर्मचारियों के लिए काम के घंटे तय करने होंगे। कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा को भी ध्यान में रखना होगा। उल्लेखनीय है कि इस बारे में सबसे पहले उद्यमियों के समूह 'स्टार्ट इन इंदौर फोरम' ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने शहर के कुछ क्षेत्रों को 24 घंटे खुले रखने की मांग की थी। फोरम रात में आने वाली परेशानियों को भी चिन्हित कर रहा है। इसमें 24 घंटे खुली रहने वाले रेस्टोरेंट और अन्य दुकानों के संचालकों और संंबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारियों के मध्य समन्वय पर बल दिया जा रहा है, जिससे सुरक्षा प्रणाली को बेहतर किया जा सके। नगर निगम इंदौर के किसी अधिकारी को रात की पूरी व्यवस्था के लिए प्रभारी भी बनाया जा सकता है।
इसलिए उठी मांग : प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी माने जाने वाले इंदौर में कई कंपनियां विदेशी कंपनियों के लिए करती हैं काम। इन कंपनियों और उनके विदेशी साझेदारों के स्थानीय समय में है 10 से 12 घंटे का अंतर। इंदौर में रात में काम करने से विदेशी साझेदारों से समन्वय बनाना होता है अधिक सुविधाजनक।
अभी क्या है इंदौर को नुकसान : इनके लिए रात में खाने-पीने की समस्या को देखते हुए कई कंपनियां इंदौर में आने में हिचक रही हैं। इसलिए वे बैंगलुरु, हैदराबाद, पुणे आदि नगरों को देती हैं प्राथमिकता।
नई व्यवस्था से क्या होगा लाभ : इंदौर का नाम भी 24 घंटे सातों दिन खुलने रहने वालों में शामिल हो जाएगा तो बाहर की कंपनियों के शहर में आने की संभावना बढ़ जाएगी और यहां की कंपनियों को भी अपना काम बढ़ाने में मदद मिलेगी। 24 घंटे बाजार खुले रखने की व्यवस्था परीक्षण के तौर पर विजय नगर क्षेत्र से की जा सकती है शुरू।
इंदौर आने के लिए आकर्षित होंगे
स्टार्ट इन इंदौर फोरम के सदस्य और रैकबैंक आइटी कंपनी के सीईओ नरेंद्र सेन का कहना है कि शहर की कई कंपनियों में 24 घंटे काम चल रहा है। ज्यादातर आइटी कंपनियां अमेरिका और अन्य देशों से जुड़ी हैं। शहर में कई नामी कंपनियां आ गई हैं। ऐसे में यहां के कर्मचारियों और अधिकारियों को खाने-पीने की सुविधाएं ठीक से नहीं मिल पा रही हैं। विदेश से आने वाले आइटी कंपनियों के अधिकारियों को भी बैंगलुरु और पुणे जैसा माहौल शहर में नहीं मिल पा रहा है। इसलिए सभी ने मिलकर इस समस्या को दूर करने पर काम शुरू किया है। रात में आने वाली सभी तरह की परेशानियों को चिहिन्त कर यह भी पता कर रहे हैं कि कर्मचारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। इसके लिए कुछ हाईटेक सुविधाएं भी प्रशासन के साथ मिलकर शुरू करेंगे जिससे की रात में भी शहर का माहौल बेहतर बना रह सके।
इंदौर को बनाया जाए स्टार्टअप कैपिटल
शॉप किराना स्टार्टअप के संस्थापक तनु तेजस सारस्वत का कहना है कि हम सभी की कोशिश है कि इंदौर को स्टार्टअप कैपिटल बनाया जाए। इसके लिए जरूरी है कि सबसे पहले यहां का माहौल बेहतर किया जाए।
अपराधों पर भी अंकुश लगेगा
शहर के स्टार्टअप को विभिन्न माध्यमों से मदद कर रहे सावन लड्ढा का कहना है कि बैंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अन्य शहरों की कई कंपनियां 24 घंटे काम करती हैं और यहां दो से तीन शिफ्ट में कर्मचारी काम करते हैं। इनके लिए बाजार खुला रहता है। वहां दिन-रात का अंतर कम लगता है। रात में चहल-पहल रहने से अपराधों पर भी कुछ हद तक अंकुश लगेगा।
सुझाव मांगे हैं
26 जनवरी को इंदौर में स्टार्टअप के कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से 24 घंटे शहर के कुछ क्षेत्रों को खुले रखने की मांग की थी। इसके बाद कलेक्टर मनीष सिंह ने इस संबंध में आइटी कंपनियों और स्टार्टअप से सुझाव मांगे थे। शहर की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में रात में कुछ प्रमुख जगहों के बाजार को खोलना फायदेमंद रहेगा।
-रजत जैन, सहसंस्थापक, पता एप
सुविधा मिलने से कंपनियों की पसंद बनेगा इंदौर
ब्रिटेन के अलावा बाकी विकसित देशों के समय में हमसे 10 से 12 घंटे का अंतर है। हमारी कंपनी में 450 से ज्यादा महिला कर्मचारी है जिन्हें रात में खाने-पीने की सुविधा नहीं मिल पाती। यह सुविधा मिल जाने से इंदौर निवेशकों और कंपनियों के लिहाज से पसंदीदा स्थान बन जाएगा, इसमें संदेह नहीं है।
-शानू मेहता, सहसंस्थापक, एमएमसी कन्वर्ट आइटी कंपनी