
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। ड्रग्स के खिलाफ पुलिस भले ही लगातार कार्रवाई कर रही हो, लेकिन शहर में एमडी ड्रग्स की बढ़ती खेप ने राजस्थान कनेक्शन को फिर सवालों के घेरे में ला दिया है। हाल ही में कई राज्यों के डीजीपी की बैठक में ड्रग्स तस्करी का मुद्दा उठा था। राजस्थान के डीजीपी ने राजस्थान से ड्रग्स की सप्लाई होने से इनकार किया था।
दूसरी तरफ इंदौर क्राइम ब्रांच के आंकड़े बताते हैं कि इस साल 10 अगस्त तक ही 81 एमडी तस्कर पकड़े जा चुके हैं और उनके कब्जे से 2.617 किलो एमडी जब्त हुई है। हर तीसरा केस राजस्थान के प्रतापगढ़, निंबाहेड़ा और झालावाड़ से जुड़ा है।
खास बात यह है कि पूरे वर्ष 2025 में एमडी के 59 मामलों में 93 आरोपित पकड़े गए थे और 2.150 किलो एमडी जब्त हुई थी। यानी 2026 के महज साढ़े सात महीने में ही एमडी की जब्ती पिछले पूरे साल से 467 ग्राम ज्यादा हो चुकी है। आरोपितों की संख्या भी पूरे साल के आंकड़े की तुलना में 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
पकड़े गए एमडी तस्करों से पूछताछ में बार-बार राजस्थान के प्रतापगढ़, झालावाड़ और निंबाहेड़ा इलाके सामने आते रहे हैं। पुलिस की जांच में इन क्षेत्रों से जुड़े लोगों और सप्लाई नेटवर्क की भूमिका खंगाली जा रही है। यही वजह है कि राजस्थान से सप्लाई नहीं होने के दावे के बीच इंदौर पुलिस की कार्रवाई कई सवाल खड़े कर रही है।
क्राइम ब्रांच के आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी से 10 अगस्त 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 54 प्रकरण दर्ज कर 109 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान करीब 2 करोड़ 96 लाख 23 हजार रुपये कीमत का मादक पदार्थ जब्त किया गया।
इसमें अकेले एमडी ड्रग्स के 38 प्रकरणों में 81 आरोपित पकड़े गए। उनसे 2.617 किलो एमडी, जिसकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ 63 लाख 13 हजार रुपये है, बरामद की गई। इसके अलावा पुलिस ने 268.58 ग्राम ब्राउन शुगर कीमत 27.25 लाख रुपये, 28.364 किलो गांजा कीमत 3.85 लाख रुपये और 10 ग्राम कोकीन कीमत दो लाख रुपये की जब्त की।
अपराध शाखा के वर्ष 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे साल एमडी के 59 प्रकरणों में 93 आरोपित गिरफ्तार किए गए थे। उनसे 2.150 किलो एमडी जब्त हुई थी, जिसकी कीमत 3 करोड़ 21 लाख 92 हजार 150 रुपये बताई गई थी।
यानी इस साल अभी चार महीने से ज्यादा का समय बाकी है और एमडी के मामलों में 38 केस तथा 81 आरोपित सामने आ चुके हैं। जब्त मात्रा भी पिछले पूरे साल के मुकाबले ज्यादा हो गई है।
एमडी की कीमत से ज्यादा महत्वपूर्ण अब उसकी सप्लाई लाइन है। इंदौर में पकड़ में आने वाले पैडलर और तस्कर अगर राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच रहे हैं तो जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना जरूरी है कि माल कहां तैयार हो रहा है, किसके जरिए भेजा जा रहा है और इंदौर में इसकी डिलीवरी कौन ले रहा है।