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इंदौर के नामी स्कूलों में एमडी ड्रग्स का खूनी जाल, 12-16 साल के होनहार छात्र बन रहे शिकार

इंदौर में कम उम्र के बच्चे अब एमडी ड्रग्स जैसी खतरनाक लत का शिकार हो रहे हैं।

By Vinay YadavEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Sun, 26 Apr 2026 07:15:12 PM (IST)Updated Date: Sun, 26 Apr 2026 07:15:11 PM (IST)
इंदौर के नामी स्कूलों में एमडी ड्रग्स का खूनी जाल, 12-16 साल के होनहार छात्र बन रहे शिकार
इंदौर के नामी स्कूलों में एमडी ड्रग्स का खूनी जाल( फाइल फोटो)

HighLights

  1. 12–16 साल के बच्चे एमडी ड्रग्स की चपेट में
  2. दोस्तों के दबाव और जिज्ञासा से शुरू होती है लत
  3. काउंसलिंग के लिए बढ़ रही माता-पिता की चिंता

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। यदि आपके बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव, देर रात तक जागना, पढ़ाई से दूरी बनाना, नए दोस्त बनाना, फोन छिपाना, पैसों की जरूरत बढ़ना, भूख और वजन में बदलाव, परिवार से दूरी बनाने जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं तो सतर्क होने की आवश्यकता है। इन सभी का एक कारण आपके बच्चे में एमडी ड्रग्स की लत भी हो सकती है।

एमडी ड्रग्स जैसी खतरनाक लत

इंदौर में कम उम्र के बच्चे अब एमडी ड्रग्स जैसी खतरनाक लत का शिकार हो रहे हैं। नामी स्कूलों में पढ़ने वाले 12 से 16 वर्ष तक के विद्यार्थी इस नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों और शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। एमडी ड्रग्स की लत छुड़वाने के लिए बड़ी संख्या में माता-पिता बच्चों को लेकर मनोचिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं।


विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों में नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा, दोस्तों के दबाव या एक बार ट्राय करने से होती है, लेकिन बहुत जल्दी यह आदत लत में बदल जाती है। बच्चों को इस लत का शिकार यह कहकर बनाया जाता है कि इससे फोकस बढ़ता है और तनाव कम होता है। पुलिस कार्रवाई में कई ऐसे तस्कर भी पकड़े जा चुके हैं, जो स्कूलों में एमडी ड्रग्स की आपूर्ति करते हैं।

दिमाग पर असर, सोचने-समझने की क्षमता होती है कम

विशेषज्ञों ने बताया कि एमडी ड्रग्स का असर सीधे बच्चों के दिमाग पर पड़ता है, जिससे उनकी सोचने-समझने की क्षमता, याददाश्त और व्यवहार प्रभावित होता है। इससे बच्चों में याददाश्त कमजोर होना, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं।

पढ़ाई में होनहार बच्चे भी बन रहे शिकार

विजयनगर क्षेत्र के एक कारोबारी का 14 वर्षीय बेटा पढ़ाई में काफी होशियार था, लेकिन अचानक उसने पढ़ाई से दूरी बना ली। वह देर रात तक जागने लगा और उसकी आंखें लाल रहने लगीं। काउंसलिंग में सामने आया कि वह एमडी ड्रग्स लेने लगा था। उसने बताया कि साथ पढ़ने वाले दोस्त ने उसे इसकी आदत लगवाई।

दोस्तों के साथ पार्टी में पड़ी लत

पलासिया क्षेत्र की 15 वर्षीय छात्रा दोस्तों के साथ पार्टियों में जाने लगी थी। कुछ माह बाद उसका वजन कम होने लगा, नींद घट गई और वह अकेले रहने लगी। काउंसलिंग में उसने स्वीकार किया कि दोस्तों के दबाव में उसने ड्रग्स लेना शुरू किया था।

स्कूल बैग से मिला एमडी ड्रग्स

निजी स्कूल में पढ़ने वाले 13 वर्षीय छात्र के बैग से पाउडर का पैकेट मिला। पूछने पर उसने बताया कि यह फोकस बढ़ाने के लिए है। जांच में सामने आया कि वह एमडी ड्रग्स का सेवन कर रहा था।

घर से पैसे होने लगे गायब

भंवरकुआं क्षेत्र के 16 वर्षीय छात्र के घर से पैसे गायब होने लगे। सख्ती के बाद उसने कबूल किया कि वह दोस्तों के साथ नशा करता है और उसी के लिए पैसे लेता था। काउंसलिंग के बाद अब उसकी स्थिति में सुधार है।

मध्य प्रदेश में भी बन रहा एमडी ड्रग्स

बताया जा रहा है कि एमडी ड्रग्स का निर्माण प्रदेश के मंदसौर, नीमच और जावरा में हो रहा है, जबकि इंदौर, रतलाम, देवास और उज्जैन में इसकी तस्करी की जा रही है।

इन संकेतों पर दें ध्यान

बच्चे का अचानक चुप या आक्रामक हो जाना

पढ़ाई और पुराने शौकों से दूरी

आंखों का लाल होना, नींद में बदलाव

घर से पैसे या सामान का गायब होना

नए संदिग्ध दोस्तों का साथ

एक्सपर्ट का क्या कहना

शहर के नामी स्कूलों के विद्यार्थी अब एमडी ड्रग्स की लत में पड़ रहे हैं। हर माह पांच से छह बच्चों को माता-पिता काउंसलिंग के लिए लेकर आ रहे हैं। काउंसलिंग में सामने आता है कि बच्चे गुलाबी रंग की पुड़िया में एमडी ड्रग्स रखते हैं और स्कूल में लंच के समय भी इसका सेवन कर लेते हैं। बड़े घरों के इन बच्चों की पार्टी शाम पांच बजे शुरू होती है, जहां पहले शराब और बाद में ड्रग्स का सेवन किया जाता है। घर लौटने के बाद ये देर तक सोते रहते हैं, जिसे परिवार सामान्य थकान समझ लेता है।

- डॉ. कौस्तुभ बागुल, मनोचिकित्सक

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